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सोमवार, 29 सितंबर, 2008 को 16:56 GMT तक के समाचार
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सिंगुर पर सोनिया से मिलेंगी ममता
ममता बैनर्जी
ममता बैनर्जी की पार्टी सिंगुर में आंदोलन चला रही है
सिंगुर मामले के हल के लिए तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी मंगलवार को केंद्र में सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने वाली हैं.

ममता बैनर्जी चाहती हैं कि केंद्र सरकार सात सितंबर को उनकी पार्टी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हुए समझौते को लागू कराने के लिए पहल करे.

कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में ममता बैनर्जी ने कहा, "मैं सोनिया गांधी को समझौते के वे सभी दस्तावेज़ सौंप दूँगी, जिसके तहत सिंगुर में टाटा की परियोजना के लिए अधिगृहित ज़मीन में से अधिकतम उन किसानों को लौटाने का प्रावधान था, जो ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ थे."

सात सितंबर को राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर हुआ था. ममता बैनर्जी ने कहा, "हम समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है. सरकार ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है."

उन्होंने कहा कि वे विदेश दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी मुलाक़ात करेंगी. ममता बैनर्जी ने कहा कि वे अन्य राजनीतिक पार्टी के नेताओं से भी मुलाक़ात करेंगी.

कड़ा रुख़

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रियरंजन दासमुंशी ने एक दिन पहले ही इस मामले पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी लेकिन ममता बैनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी को समझौता लागू करने से कम कोई चीज़ मंज़ूर नहीं.

 मैं सोनिया गांधी को समझौते के वे सभी दस्तावेज़ सौंप दूँगी, जिसके तहत सिंगुर में टाटा की परियोजना के लिए अधिगृहित ज़मीन में से अधिकतम उन किसानों को लौटाने का प्रावधान था, जो ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ थे
ममता बैनर्जी

हालाँकि उन्होंने यह ज़रूर स्पष्ट कर दिया कि अगर समझौते को लागू करने के बारे में कोई सर्वदलीय बैठक होगी तो उनकी पार्टी इसमें ज़रूर शामिल होगी.

ममता बैनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस सिंगुर में टाटा की नैनो परियोजना के लिए ज़मीन के अधिग्रहण का विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि कई किसानों से ज़बरदस्ती ज़मीन ले ली गई है.

तृणमूल कांग्रेस ने इसके विरोध में आंदोलन चला रही है. इस महीने की शुरुआत में राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता से पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस के बीच समझौता भी हुआ था.

लेकिन समझौते को लागू कराने को लेकर मुश्किल आ रही है क्योंकि टाटा मोटर्स का कहना है कि अगर नैनो परियोजना का काम सिंगुर से होना है तो कल-पुर्ज़े का संयंत्र कहीं और नहीं ले जाया जा सकता.

टाटा की सिंगुर परियोजना में अभी काम रुका हुआ है और टाटा ग्रुप अपनी नैनो परियोजना को कहीं और ले जाने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है.

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