|
सिंगुर में अब 'नैनो' के समर्थन में धरना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल में सिंगुर ज़मीन विवाद सुलझने के बजाय उलझता जा रहा है और अब स्थानीय लोग नैनो के पक्ष में भी मज़बूती से आवाज़ उठा रहे हैं. सिंगुर में स्थानीय किसानों ने टाटा संयंत्र शुरू करने के पक्ष में शनिवार से धरना शुरू कर दिया है. यह धरना ऐसे समय में शुरू हुआ है जब शुक्रवार को विपक्ष की नेता ममता बनर्जी ने सिंगुर के विस्थापित किसानों के पुनर्वास की राज्य सरकार की नई पेशकश को ठुकरा दिया था. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के साथ बैठक में प्रभावित किसानों का मुआवज़ा दोगुना करने और विस्थापित किसान परिवारों के एक सदस्य को एक साल के भीतर टाटा के नैनो संयंत्र में नौकरी देने का नया प्रस्ताव दिया था. इससे पहले सिंगुर के किसानों के पुनर्वास का मसला सुलझाने के लिए सरकार और विपक्ष की समितियों की दो दिनों तक बैठक हो चुकी थी. सिंगुर में टाटा कंपनी दुनिया की सबसे सस्ती कार बनाने जा रही है लेकिन इस परियोजना के लिए किसानों की ज़मीन लिए जाने से नाराज़ विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जिन किसानों ने मुआवज़ा नहीं लिया है उन्हें ज़मीन लौटा दी जानी चाहिए. टाटा ने इस विवाद के चलते उत्पादन का काम रोक दिया है और परियोजना को प्रदेश से बाहर ले जाने की चेतावनी दी है. उम्मीद इस बीच, शुक्रवार को राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने एक बार फिर इस मसले से जुड़े सभी पक्षों से मिल बैठकर हल निकालने का अपील की है. राज्यपाल ने खुले पत्र में कहा कि अगर मज़बूत इच्छाशक्ति हो तो इस मसले को आसानी से हल किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि सिंगुर मसले से संबंधित सभी पक्षों की आपत्तियों और सुझावों पर ग़ौर किया जाना चाहिए. पिछले रविवार को राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने मध्यस्थता करते हुए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति का एक फ़ार्मूला निकाला था. लेकिन टाटा ने तब तक काम शुरू न करने की बात कही है जब तक पूरा मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता. शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "सरकार ने किसानों के पुनर्वास का एक प्रस्ताव रखा जो हमें मंज़ूर नहीं है. मैं चाहती हूँ कि सरकार उस समझौते का सम्मान करे जिस पर पिछले रविवार राज्यपाल की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए थे." मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रस्ताव रखा कि सरकार नैनो परियोजना वाले क्षेत्र में किसानों को 70 एकड़ ज़मीन लौटाई जा सकती है और शेष किसानों को सिंगुर के आसपास ज़मीन दे दी जाएगी. राज्य के उद्योग मंत्री सव्यसाची सेन का कहना है कि सरकार के पास किसानों को लौटाने के लिए इतनी ही ज़मीन है. लेकिन ममता बनर्जी का कहना है कि किसानों को परियोजना क्षेत्र में ही तीन सौ एकड़ ज़मीन लौटाई जानी चाहिए. टाटा की नैनो परियोजना के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 997 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सरकार का प्रस्ताव ममता ने ठुकराया12 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैनो प्रोजेक्ट पर अभी भी संशय09 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस नाखुश टाटा को समझाने की कोशिश08 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैनो का निर्माण स्थगित रहेगा: टाटा08 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैनो का विरोध ख़त्म, समझौता हुआ07 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिंगुर:काम रुकने से दुखी बाप ने जान दी 03 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस टाटा ने नैनो प्लांट का काम रोका02 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस सिंगुर से टाटा मोटर्स ने हटाए कर्मचारी29 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||