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शनिवार, 13 सितंबर, 2008 को 20:08 GMT तक के समाचार
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ममता फिर चलीं आंदोलन की राह
राज्यपाल के साथ नेता (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस और सरकार ने पिछले रविवार कहा था कि सहमति हो गई है
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने सिंगुर में टाटा की कार फैक्ट्री के लिए ज़मीन अधिग्रहण के ख़िलाफ़ फिर आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता में राज्य सरकार और ममता के बीच सिंगुर मुद्दे के हल के लिए समझौता हो गया था लेकिन बाद में दोनों पक्ष फिर पुराने रुख़ पर कायम हो गए.

ममता बनर्जी ने राज्य सरकार पर समझौता भंग करने का आरोप लगाते हुए 16 सितंबर को 'सिंगुर चलो' अभियान की घोषणा की है.

पिछले रविवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य और ममता के बीच सीधी बात हुई थी. इसमें ममता ने परियोजना से 300 एकड़ भूमि लौटाने की मांग रखी थी.

योजना नामंज़ूर

पिछले रविवार को राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने मध्यस्थता करते हुए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति का एक फ़ार्मूला निकाला था.

 सरकार ने किसानों के पुनर्वास का एक प्रस्ताव रखा जो हमें मंज़ूर नहीं है. मैं चाहती हूँ कि सरकार उस समझौते का सम्मान करे जिस पर पिछले रविवार राज्यपाल की मौजूदगी पर हस्ताक्षर किए गए थे
ममता बैनर्जी

लेकिन टाटा ने तब तक काम शुरु न करने की बात कही है जब तक पूरा मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता.

शुक्रवार को मुख्यमंत्री भट्टाचार्य से मिलने के बाद ममता बैनर्जी ने कहा, "सरकार ने किसानों के पुनर्वास का एक प्रस्ताव रखा जो हमें मंज़ूर नहीं है. मैं चाहती हूँ कि सरकार उस समझौते का सम्मान करे जिस पर पिछले रविवार राज्यपाल की मौजूदगी पर हस्ताक्षर किए गए थे."

उन्होंने कहा, "जब तक सरकार उस समझौते को पूरी तरह लागू नहीं करती मैं और कोई प्रस्ताव स्वीकार ही नहीं कर सकती."

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रस्ताव रखा है कि सरकार नैनो परियोजना वाले क्षेत्र में किसानों को 70 एकड़ ज़मीन लौटा सकती है और शेष किसानों को सिंगुर के आसपास ज़मीन दे दी जाएगी.

नैनो कार के साथ रतन टाटा
रतन टाटा ने कहा है कि वे बड़े निवेश के बावजूद परियोजना कहीं और स्थानांतरित कर सकते हैं

राज्य के उद्योग मंत्री सव्यसाची सेन का कहना है कि सरकार के पास किसानों को लौटाने के लिए इतनी ही ज़मीन है.

लेकिन ममता बैनर्जी का कहना है कि किसानों को परियोजना क्षेत्र में ही तीन सौ एकड़ ज़मीन लौटानी चाहिए.

मुख्यमंत्री का कहना है कि उन्होंने सिद्धांत रुप में ममता बैनर्जी का यह प्रस्ताव मान लिया है कि जिन किसानों की ज़मीन ली गई है उन्हें आजीविका चलाने के लिए ज़मीन दी जानी चाहिए.

इन किसानों ने ज़मीन के बदले पैसा लेने से इनकार कर दिया था.

टाटा की नैनो परियोजना के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 997 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया था.

टाटा का कहना है कि 645 एकड़ तो कार परियोजना के लिए चाहिए और 290 एकड़ सहायक उद्योगों के लिए ज़रूरी है.

कंपनी का तर्क है कि कार की क़ीमत कम रखने के लिए ज़रूरी है कि यह एकीकृत परियोजना हो और सहायक उद्योग भी मुख्य उद्योग के पास ही लगें.

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