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नौका डूबी, 20 के मरने की आशंका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के शेख़पुरा ज़िले में गुरुवार सुबह हरोहर नदी में एक नाव के पलट जाने से क़रीब बीस लोगों के डूब जाने की आशंका है. पुलिस के मुताबिक 20 से अधिक लोग सवार थे जिनमें बच्चे और महिलाएँ शामिल हैं. घटनास्थल पर मौजूद ज़िलाधिकारी अंजनी कुमार वर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि गोताखोरों ने नदी से एक शव बाहर निकाला है और अन्य डूबे लोगों की तलाश कर रहे हैं. राहत कार्य यह हादसा शेख़पुरा ज़िले के बोघाट गाँव के पास हुआ. उस समय नाव नदी के बीच में थी. नाव पलटने के बाद उस पर सवार छह लोग तैरकर नदी से बाहर आ गए और बाकी लोग नदी के तेज़ बहाव में बह गए. ज़िला प्रशासन डूबे हुए लोगों की तलाश में स्थानीय गोताखोरों और मछली मारने वाले जाल की सहायता ले रहा है. ज़िलाधिकारी ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब पानपुरा गाँव के लोग पूजा-पाठ के बाद एक नाव से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का हरोहर नदी में विसर्जन करने जा रहे थे. इससे पहले 29 अगस्त को कोसी नदी में सेना की एक नाव के डूब जाने से कम से कम बीस लोग डूब गए थे. सेना की यह नाव बाढ़ में घिरे लोगों को लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने जा रही थी और कोसी नदी की तेज़ धारा में फंसकर पलट गई थी. दक्षिण बिहार के अररिया, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल ज़िलों की लाखों की आबादी इस समय कोसी और अन्य नदियों में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इन ज़िलों में सेना, नौ सेना और स्थानीय प्रशासन बाढ़ राहत के काम में लगा हुआ है. |
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