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शरणार्थियों के लिए समय सीमा बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान बीस लाख अफ़ग़ान शरणार्थियों के वापस लौटने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ाने के लिए राज़ी हो गया है. संयुक्त राष्ट्र में शरणार्थी मामलों के उच्चायुक्त अंतोनियो गटर्स ने बीबीसी को बताया अब इस बात की सहमति बन गई है कि 2009 की समय सीमा 'अव्यावहारिक' है. उनका कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान के खस्ता आर्थिक हालात और सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन से पाँच साल का समय ज़्यादा व्यावहारिक होगा. इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि विस्फोटों के लिए दोषी तालेबान शरणार्थी शिविरों में शरण ले लेते हैं. गटर्स ने बीबीसी को यह भी बताया कि तालेबान के ख़िलाफ़ हो रही कार्रवाई के चलते विस्थापित हुए तीन लाख पाकिस्तानियों के लिए भी संयुक्त राष्ट्र एक अंतरराष्ट्रीय अपील जारी करेगा. योजना इससे पहले पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र में सहमति बनी थी कि 24 लाख अफ़ग़ान शरणार्थियों को वर्ष 2009 के अंत तक पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा लेकिन यह यह प्रक्रिया ज़ोरज़बरदस्ती से अमल में नहीं लाई जाएगी. उच्चायुक्त का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान सरकार के बीच सिद्धांत रुप से यह सहमति हो गई है कि शर्णार्थियों के पुनर्स्थापन के लिए नई समय सीमा तय की जाएगी. उनका कहना है, "तीन से पाँच साल का समय काम करने के लिए अच्छा रहेगा और अब हम इसके बारे में पाकिस्तान सरकार से चर्चा करेंगे." इस बीच संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानिस्तान में परिस्थियों में सुधार की कोशिश करेगा और पाकिस्तान पर शरणार्थियों का बोझ कम करने के लिए पाकिस्तान में परियोजनाएँ शुरु करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें नशे से निजात दिलाने की मुहिम23 जून, 2008 | भारत और पड़ोस शरणार्थियों को लेकर पाक की आलोचना17 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में मुहाजिरों का दर्द01 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पीढ़ी दर पीढ़ी शरणार्थी रहने की मजबूरी23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान शरणार्थियों पर महत्वपूर्ण बैठक16 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस लाखों अफ़ग़ानियों का पंजीकरण हुआ05 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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