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लाखों अफ़ग़ानियों का पंजीकरण हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में शनिवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए पाकिस्तान में रहने वाले साढे छह लाख अफ़गान शरणार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है. प्रवासियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ माइग्रेशन (आईएमओ) का कहना है कि मतदाताओं के जोश को देखते हुए इस अभियान को सोमवार तक बढ़ाया गया. ये अभियान चार दिनों तक चला. पश्चिमी पाकिस्तान में 1,670 पंजीकरण केंद्र बनाए गए थे जिनका इस्तेमाल मतदान के लिए भी किया जाएगा. इसके अलावा ईरान में भी क़रीब छह लाख अफ़गान शरणार्थी है जो अपने मत का इस्तेमाल कर सकते हैं. प्रक्रिया ईरान और पाकिस्तान में रहने वाले अफ़ग़ान शरणार्थियों का मतदान में 10 फ़ीसदी हिस्सा हो सकता है. लेकिन पाकिस्तान में रहने वाले 20 लाख अफ़ग़ानी अपना मत नहीं डाल पाएँगे.
पाकिस्तान और ईरान में रहने वाले अफ़गान शरणार्थियों के पंजीकरण का फ़ैसला काफ़ी देर से लिया गया था जिससे पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान में रह रहे शरणार्थी मतदान में हिस्सा नहीं ले पाएँगे. दोनों देशों में हज़ारों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी मतदान प्रक्रिया की देख-रेख कर रहे हैं. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ माइग्रेशन के अध्यक्ष पीटर अरबन ने कहा कि पाकिस्तान में पंजीकरण सुचारू रूप से हुआ. उन्होंने कहा, "हम ख़ुश है कि इस दौरान सुरक्षा को लेकर कोई हादसा नहीं हुआ." अफ़ग़ानिस्तान में पूर्व तालेबान शासनों ने अफ़ग़ानी लोगों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से मना किया है. लोगों को मत डलने से रोकने के लिए तालेबान लड़ाकू मतदाताओं को निशाना बना रहे हैं. |
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