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तीन बंधक और तीनों चरमपंथी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू के चिन्नूर इलाक़े में सेना और चरमपंथियों के बीच क़रीब सोलह घंटे की लड़ाई के बाद तीन चरमपंथियों को मार गिराया गया लेकिन इसमें तीन बंधक भी मारे गए हैं. सेना के जनरल ऑफिसर कमांड इन मेजर जनरल डीएल चौधरी ने पुष्टि कर दी है कि तीनों चरमपंथी मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में नौ बंधकों में से तीन की मौत हो गई है. बाकी छह बंधक सुरक्षित बचा लिए गए जिसमें एक औरत और बच्चे शामिल हैं. चौधरी ने बताया कि शुरुआती दौर में एक औरत और दो लड़कों को बुरी तरह से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया जहां औरत को बचा लिया गया. अब पूर्ण रुप से मिल रही जानकारी के अनुसार तीन चरमपंथियों ने चिन्नूर इलाक़े मे सुनीता देवी नाम की महिला के घर में नौ लोगों को बंधक बना लिया था जिसमें चार बच्चे भी थे. इससे पहले दोपहर में तीन में एक चरमपंथी ने बीबीसी को फोन किया था. चरमपंथी ने अपना नाम तलागिरा बताया और कहा कि वो कश्मीर में मुसलमानों पर हो रही ज्यादतियों का बदला लेने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने बीबीसी के ज़रिए प्रशासन से अपील की थी और कहा था, '' हम आपके माध्यम से ये कहना चाहते हैं प्रशासन से कि वो हमला न करें क्योंकि बंधकों में कुछ बच्चे भी हैं और अगर हमला हुआ तो इन बच्चों को नुकसान भी हो सकता है. '' कई घंटों की मुठभेड़ बुधवार की सुबह तीन चरमपंथियों ने चिन्नूर इलाक़े में अंधाधुंध फ़ायरिंग करके चार लोगों को मार डाला और उसके बाद एक घर में घुस गए थे. इसके बाद सेना ने मकान को चारों तरफ़ से घेर लिया और कुछ ही घंटे के भीतर एक चरमपंथी को मार डाला, इसके काफ़ी देर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन देर शाम ज़ोरदार गोलीबारी हुई जिसके बाद सेना ने एक और चरमपंथी के मारे जाने की पुष्टि की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छत से भागने की कोशिश करता एक चरमपंथी सुरक्षाबलों की गोलियों से मारा गया जबकि दूसरा चरमपंथी घर से बाहर निकलने की कोशिश करते वक़्त गोलियों का निशाना बना. बंधक बनाए गए एक ही परिवार के छह सदस्यों में से चार बच्चे थे. इन बच्चों में सबसे छोटी बच्ची की उम्र दो साल है. उनके अलावा एक पुरुष और महिला सदस्य घर पर हैं. इसके अलावा चरमपंथियों ने तीन और लोगों को भी बंधक बना रखा था. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी से बातचीत में बताया, "सुबह के लगभग आठ-साढ़े आठ बजे की बात होगी हम सो रहे थे. मोहल्ले में उधर से फ़ायरिंग की आवाज़ आई, सब तरफ़ हल्ला होने लगा कि क्या हो गया, क्या हो गया. चरमपंथियों ने एक ऑटो ड्राइवर और रिटार्यड सूबेदार को गोली मार दी, वे मर गए. फिर वे लोग बगल के एक घर में घुस गए जहाँ चार छोटे बच्चे हैं". गोलीबारी पुलिस का कहना है कि बुधवार को सुबह तीन चरमपंथियों ने जम्मू के बाहरी इलाक़े में दमोना चेकपोस्ट पर गोलियाँ चलाईं. इसमें सेना के एक जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया. पुलिस का कहना है कि ये वही चरमपंथी हैं जो मंगलवार की सुबह कानाचक इलाक़े से सीमा पार से घुसपैठ करने में सफल हुए थे. बीएसएफ़ ने इसकी सूचना दी थी. अधिकारियों का कहना है कि चौकी पर फ़ायरिंग करने के बाद सामान ढोने वाले एक ऑटोरिक्शा को अगवा कर लिया और बनतालाब के इलाक़े में पहुँच गए. वहाँ उन्होंने एक मोटरसाइकल सवार को गोली मार दी और फिर सघन आबादी वाले क्षेत्र चिन्नूर में पहुँच गए. चिन्नूर में बिल्लू राम के घर में घुसने से पहले उन्होंने ऑटो के ड्राइवर और एक अन्य नागरिक को गोली मार दी. | इससे जुड़ी ख़बरें घाटी में कर्फ़्यू, संघर्ष समिति ने रखी शर्त 26 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस सुरक्षाबलों की गोलीबारी में चार की मौत25 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस पुलिस फ़ायरिंग में एक की मौत24 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में मुसलमान गूजरों का विस्थापन23 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस डेढ़ हज़ार हिंदू मज़दूर श्रीनगर से लौटे 17 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में संयम बरतने की सलाह14 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, 15 की मौत12 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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