BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 24 अगस्त, 2008 को 02:02 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पुलिस फ़ायरिंग में एक की मौत

भारत प्रशासित कश्मीर घाटी में बेमियादी कर्फ़्यू के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फ़ायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. ये घटना श्रीनगर की है.

भारतीय शासन के ख़िलाफ़ अलगाववादी संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया था जिसके कारण प्रशासन ने बेमियादी कर्फ़्यू लगाने की घोषणा की थी.

शनिवार से शुरू हुए इस हड़ताल के दौरान कई प्रदर्शन हुए हैं. जिनमें कई लाख लोगों ने हिस्सा लिया है. सोमवार को एक बड़ी रैली के साथ हड़ताल ख़त्म होनी है.

बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के मुताबिक कश्मीर घाटी में सारे स्कूल, दफ़्तर और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे हैं.

अल्ताफ़ हुसैन ने बताया कि सीआरपीएफ़ ने रविवार को कम से कम आठ मीडियाकर्मियों के साथ हाथापाई. कई रिपोर्टर और कैमरापर्सन इसमें घायल हुए हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार ट्राइब्यून के फ़ोटोग्राफ़र मोहम्मद अमीन ने बताया, "हमें बेतहशा पीटा गया. ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ."

अलगाववादियों ने कश्मीर घाटी में जनमत संग्रह के ज़रिए आत्मनिर्णय का अधिकार देने की पुरानी माँग फिर उठा दी है.

शुक्रवार को भी श्रीनगर में विरोध मार्च का आयोजन किया गया.

अलगाववादी नेताओं ने लोगों से कहा है कि वे 'भारत के शासन के ख़िलाफ़' ऐतिहासिक लाल चौक पर सोमवार को दिन भर के लिए धरना दें.

पुंछ में कर्फ़्यू

उधर बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर राज्य के पुंछ ज़िले में कर्फ़्यू लागू करने के लिए सेना की मदद ली गई है.

शुक्रवार शाम से यहाँ सांप्रदायिक तनाव का माहौल है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पिछले दो दिनों से दो समुदायों के लोगों के बीच झड़पें हो रही हैं. पचास से ज़्यादा दुकानें लूट ली गईं और कई जला दी गईं.

इलाक़े में शनिवार को ही कर्फ़्यू लगा दिया गया था लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन किया और लूटपाट जारी रही. स्थिति को काबू में लाने के लिए सेना को बुलाना पड़ा है.

सेना अधिकारियों का कहना है कि स्थिति काबू में है.

विवाद

सारा मामला अमरनाथ ज़मीन विवाद को लेकर शुरु हुआ था.

पहले जम्मू-कश्मीर सरकार के मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के फ़ैसले के विरोध में घाटी में हिंसक प्रदर्शन हुए जिसके बाद ये फ़ैसला वापस ले लिया गया.

लेकिन ज़मीन वापस लेने के विरोध में जम्मू में हिंसक आंदोलन शुरु हो गए जो अभी तक जारी हैं.

हालाँकि अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति और राज्यपाल की ओर से गठित समिति के बीच मामले को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है.

जम्मू में आंदोलन के बाद कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली सड़क पर यातायात बाधित हो गई जिसे अलगाववादियों ने कश्मीर की आर्थिक नाक़ेबंदी करार दिया और घाटी में इसके ख़िलाफ़ हिंसक आंदोलन शुरु हो गए.

इस कथित नाक़ेबंदी के ख़िलाफ़ अलगाववादियों की अगुआई में व्यापारियों ने मुज़फ़्फ़राबाद मार्च की कोशिश की थी जिसे सेना ने रोकने की कोशिश की और हुर्रियत के वरिष्ठ नेता के साथ 21 लोग मारे गए थे.

भारत प्रशासित कश्मीरबदतर होते हालात
कश्मीर में एक बार फिर वो नारे बुलंद हो रहे हैं जो लोग भूल चले थे.
कश्मीरसंयम बरतने की सलाह
ह्यूमन राइट्स वॉच ने भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर में संयम बरतने को कहा.
प्रदर्शनकारीविश्वास जीतना होगा
जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य करने हैं तो लोगों को विश्वास में लेना होगा.
इससे जुड़ी ख़बरें
पुलिस फ़ायरिंग में मौत और गहरा तनाव
14 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
जम्मू-कश्मीर में संयम बरतने की सलाह
14 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
पाक बयानों पर भारत को आपत्ति
13 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>