|
जम्मू में मुसलमान गूजरों का विस्थापन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन में सैंकड़ों मुसलमान गूजर बेघर हो गए हैं. इन लोगों ने जम्मू के मुसलमान बहुल इलाक़े में शरण ली है. इनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों की 'धमकी और अत्याचार' के कारण वो अपना घर छोड़ने को मज़बूर हुए हैं. हालाँकि आंदोलन की अगुआई कर रही अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति का कहना है, "इस विस्थापन की कहानी उन लोगों और प्रशासन ने गढ़ी है जो आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं." जम्मू के कई मुस्लिम संगठनों ने भी आंदोलन का ये कहते हुए समर्थन किया है कि आज़ादी के बाद कश्मीरी नेताओं के हाथ जम्मू क्षेत्र की अनदेखी का नतीजा है. विस्थापित हुए गूजरों को जम्मू के सुंजवान इलाक़े में एक निजी स्कूल भवन में रखा गया है. आपबीती इनमें से एक लाल हुसैन कहते हैं, हम अपने परिवार के साथ हीरानगर से आए हैं. "प्रदर्शनकारी हमारे इलाक़े में आते थे और सारा दूध लेकर भाग जाते थे. वे धार्मिक नारे लगाते थे और हमें धमकाते थे." एक और विस्थापित मोहम्मद अकरम का कहना है, "पहले प्रदर्शनकारी मवेशियों को ले गए और हमारी झोपड़ियों में आग लगा दी. उन्होंने चांदी और सोने के जेवर भी लूट लिए." मोहम्मद अकरम का कहना है कि उनके समुदाय के लोग काफी डरे हुए हैं और लगभग तीस लोगों ने गाँव छोड़ दिया है. वो कहते हैं, "हममें से जो प्रदर्शनाकरियों का साथ देते हैं वो सुरक्षित हैं जबकि दूसरों को धमकी मिल रही हैं." दूसरी ओर संघर्ष समिति के प्रवक्ता डॉक्टर जतींद्र सिंह कहते हैं, "ये आंदोलन पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष है और इसमें सभी समुदायों का साथ है. आंदोलन तो दो महीने से चल रहा है. फिर विस्थापन अभी कैसे हुआ." उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को कई मुस्लिम संगठनों से समर्थन मिल रहा है. आंदोलन का समर्थन करने वाले मुस्लिम संगठन मुस्लिम फ़्रंट के मुख्य संरक्षक प्रोफ़ेसर ज़हूरुद्दीन कहते हैं, "हमनें और सरकार ने इन लोगों की सुरक्षा का भरोसा दिया है और ये लोग घर लौटने पर राजी हो गए हैं." |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||