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जम्मू में जारी है प्रदर्शन, कई घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू में अमरनाथ मंदिर बोर्ड के ज़मीन देने के मुद्दे पर शनिवार को लगातार दसवें दिन कर्फ़्यू के बावजूद ज़ोरदार प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया है और आँसू गैस के गोले छोड़े जिसकी वजह से 30 लोग घायल हो गए. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जम्मू और साँबा ज़िलों में सेना बुला ली गई है. सेना के जवानों ने दोनों जगहों पर फ़्लैग मार्च किया है. अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले को रद्द् करने और अमरनाथ यात्रा की ज़िम्मेदारी बोर्ड की जगह राज्य सरकार के हाथ में आने के बाद जम्मू में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. तीस राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति बनाई है जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है. उनकी माँग है कि अमरनाथ बोर्ड को विवादित ज़मीन वापस दी जाए और अमरनाथ यात्रा का प्रबंधन फिर अमरनाथ बोर्ड ही संभाले. राजमार्ग को जाम किया प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग पर लखनपुर से लेकर रामबन तक कई जगह जाम लगा दिया था. वे कुछ देर के लिए राजमार्ग पर धरने पर भी बैठे थे लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें वहाँ से हटा दिया.
प्रदर्शनकारियों ने उन कश्मीरी ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों को भी नुक़सान पहुँचाया जो आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में लगे हुए थे. राजमार्ग पर स्थित कठुआ और उधमपुर कस्बे में भी तनाव बना हुआ है. इस बीच मीडियाकर्मियों ने भी शहर में काम करने से रोके जाने और पत्रकारों की कथित पिटाई होने के विरोध में एक रैली निकाली है. अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के विरोध में चल रहा आंदोलन शुक्रवार को हिंसक हो गया था, जिसमें दो लोग मारे गए थे. भारतीय जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष उमा भारती को पुलिस ने शनिवार सुबह हिरासत में लिया गया था लेकिन कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर लिया. रिहाई के बाद उमा भारती ने ऊधमपुर में एक जनसभा को संबोधित किया जिसमें उन्होंने कहा कि वे बालताल जाकर तिरंगा फहराएँगीं. प्रशासन ने साध्वी ऋतंभरा को रैली का नेतृत्व करने के लिए शहर में घुसने की अनुमति नहीं दी. शुक्रवार को नेशनल कॉंफ़्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती के जम्मू पहुँचने की ख़बर फैलते ही जम्मू में लोग सड़कों पर निकल आए थे. सैकड़ों प्रदर्शनकारी हवाई अड्डे तक पहुँच गए थे. अधिकारियों ने प्रदर्शन तेज़ होता देख दोनों नेताओं को हेलीकॉप्टर से राजभवन पहुँचाया, जहाँ उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ स्थिति पर चर्चा की. आंदोलन की पृष्ठभूमि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को चालीस हेक्टेयर ज़मीन देने की घोषणा की थी जिस पर अमरनाथ यात्रियों के लिए अस्थायी सुविधाओं का निर्माण किया जाना था लेकिन बाद में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने यह फ़ैसला वापस ले लिया. अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मामले पर कश्मीर घाटी के कई संगठनों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किए थे जिसके बाद सरकार ने फ़ैसला वापस ले लिया था. इस विवाद के कारण ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपना समर्थन वापस ले लिया था. जुलाई महीने के शुरू से ही जम्मू में सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन जारी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बंद का कई राज्यों में असर, चार मारे गए03 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में कर्फ़्यू में नहीं मिली ढील 04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'ज़मीन वापसी के बारे में देश को बताएँगे'05 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस ग़ुलाम नबी आज़ाद का इस्तीफ़ा स्वीकार07 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में कर्फ़्यू हटाने का फ़ैसला25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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