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मंगलवार, 12 अगस्त, 2008 को 06:09 GMT तक के समाचार
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जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, 15 की मौत
फ़ायरिंग
सादी वर्दी में इस सिपाही ने फ़ायरिंग की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें धुन दिया
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की पुलिस के अनुसार मंगलवार को कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाक़ों में हिंसक भीड़ पर हुई पुलिस फ़ायरिंग में कम से कम तेरह लोगों की मौत हुई है.

कई अन्य लोग घायल हुए हैं.

जबकि सोमवार की फ़ायरिंग में घायल हुए लोगों में से दो की मंगलवार को मौत हो गई. सोमवार से लेकर अब तक कश्मीर घाटी में प्रदर्शनाकरियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों में 22 लोग मारे जा चुके हैं.

उधर जम्मू में मंगलवार को भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुए विस्फोट में दो व्यक्ति की मौत हुई है और इसके बाद किश्तवाड़ के इलाक़े में सेना तैनात कर दी गई है.

कश्मीर घाटी के सभी शहरों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और ख़बरें हैं कि घाटी के विभिन्न हिस्से में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

कश्मीर घाटी में लोग वरिष्ठ हुर्रियत नेता शेख़ अब्दुल अज़ीज़ की मौत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.

सोमवार को मुज़फ़्फ़राबाद मार्च करने की कोशिश कर रहे लोगों पर सेना की फ़ायरिंग में हुर्रियत नेता अज़ीज़ सहित सात लोगों की मौत हो गई थी और पूरी घाटी में तनाव फैल गया था.

सोमवार रात से ही फ़ायरिंग का विरोध करते हुए हज़ारों लोग ग़ाजीगुंड, अनंतनाग और गंदरबल क्षेत्रों में सड़कों पर उतर आए थे.

उधर पाकिस्तान ने सोमवार की इस घटना की निंदा की है और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने शेख़ अज़ीज़ की मृत्यु पर अफ़सोस ज़ाहिर किया.

पाकिस्तान ने फ़ायरिंग की घटना को 'नाजायज़ और ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल' बताया है.

अमरनाथ ज़मीन मुद्दे पर जम्मू में जारी आंदोलन के कारण कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर यातायात में बाधा आ रही है.

फ़ायरिंग

श्रीनगर स्थित बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने बताया है कि मंगलवार को बांदीपुर ज़िले में कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए तीन लोग सुरक्षाबलों की फ़ायरिंग में मारे गए और पाँच घायल हो गए.

कश्मीर में प्रदर्शन
कश्मीर घाटी में हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए और सुरक्षाबलों ने कई जगह बल प्रयोग किया

श्रीनगर के पास लसजन में हुई पुलिस फ़ायरिंग में भी तीन लोगों की मौत हुई है जबकि एक व्यक्ति रैनवारी में मारा गया है.

इसी तरह प्रदर्शनकारियों पर हुई फ़ायरिंग में छानपुरा में दो और ज़ूनीमर में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार गांधरबल ज़िले के नागबल में प्रदर्शनकारियों पर हुई फ़ायरिंग में चार लोग घायल हुए हैं.

उनका कहना है कि सोमवार को सुरक्षाबलों की फ़ायरिंग में घायल हुए लोगों में से दो की मंगलवार को मौत हो गई.

घाटी के नेताओं ने जम्मू में चल रहे आंदोलन को कश्मीर की 'आर्थिक नाकाबंदी' की संज्ञा दी है.

इन नेताओं का कहना है कि राजमार्ग में बाधाओं के कारण फल उत्पादकों के पास पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुज़फ्फ़राबाद के रास्ते पाकिस्तान के बाज़ारों में जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

इसी कारण कुछ अलगाववादी नेताओं और उत्पादकों के साथ-साथ हज़ारों लोग सोमवार को मुज़फ़्फ़राबाद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे जब सेना ने उन्हें रोकने की कोशिश की और फिर फ़ायरिंग हुई.

हालाँकि सरकार का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सुरक्षाबल तैनात है और जो व्यापारी अपना सामान भेज रहे हैं उनके ट्रकों को सुरक्षा दी जा रही है.

अज़ीज़ का अंतिम संस्कार

सोमवार को कश्मीर घाटी में फ़ायरिंग की घटना बारामूला से 25 किलोमीटर दूर उरी के पास हुई.

वहाँ शब्बीर अहमद शाह और शेख अब्दुल अज़ीज़ की अगुआई में हज़ारों लोग सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे.

शेख़ अज़ीज़ का शव
शेख़ अज़ीज़ की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सेना की फ़ायरिंग में शेख़ अज़ीज़ बुरी तरह घायल हो गए थे और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.

शेख अब्दुल अज़ीज़ हुर्रियत कॉंफ़्रेंस के वरिष्ठ नेता थे और उनकी मौत की ख़बर के बाद पूरी घाटी में तनाव फैल गया.

कश्मीर घाटी के सभी शहरों में मंगलवार को कर्फ़्यू लागू है.

स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ़्तर और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए हैं.

प्रशासन ने घोषणा की है कि डॉक्टरों और पत्रकारों के पहचान पत्रों को कर्फ़्यू पास मान लिया जाएगा. ऐसी सुविधा हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भी उपलब्ध कराई गई है.

मंगलवार को शेख़ अज़ीज़ का अंतिम संस्कार कर दिया गया है.

कश्मीरी नेता शब्बीर अहमद शाह भी उन लोगों में थे जो मुज़फ्फ़राबाद की ओर मार्च कर रहे थे. माना जा रहा है कि वे हिरासत में हैं.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख कुलदीप खुडा के अनुसार हुर्रियत कान्फ़्रेंस के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ पहले ही अपने घरों में नज़रबंद हैं.

किश्तवाड़ में सांप्रदायिक झड़पें

दूसरी ओर जम्मू में बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार वहाँ प्रदर्शनों का दौर जारी है और वहाँ कम से कम दो व्यक्ति की मौत हुई है और दर्जन भर अन्य लोग घायल हुए हैं.

प्रदर्शन
जम्मू में संघर्ष समिति के नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं पर अब स्थिति कुछ शांत है

पुलिस का कहना है कि यह मौत किश्तवाड़ में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हुई झड़पों के कारण हुई है.

प्रशासन ने जम्मू में कर्फ़्यू में दिन भर की छूट दी है. जम्मू में राजौरी में भी कर्फ़्यू में ढील दी गई है. लेकिन किश्तवाड़ में कर्फ़्यू दोबारा लागू कर दिया गया है.

पुलिस का कहना है कि किश्तवाड़ में हिंदू और मुसलमान दोनों कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए और उन्होंने एक दूसरे की संपत्तियों को नुक़सान पहुँचाया.

अधिकारियों का कहना है कि इसी बीच किसी ने भीड़ के बीच एक बम फेंक दिया जिससे दो लोगों की मौत हो गई.

उनके अनुसार इसके बाद सुरक्षाबलों ने फ़ायरिंग करके भीड़ को तितरबितर किया और उसे नियंत्रित किया.

लेफ़्टिनेंट कर्नल एसडी गोस्वामी के अनुसार किश्तवाड़ में सेना को तैनात किया गया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके अलावा जम्मू के शेष इलाक़े में तनावपूर्ण शांति है.

बातचीत बेनतीजा

इस बीच दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल की एक बैठक गृहमंत्रलय में हुई है.

सर्वदलीय बैठक
सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल की बैठक में बातचीत का कोई हल न जम्मू में निकला न दिल्ली में

इस बैठक में सिवाय इस बात के कोई नतीजा नहीं निकल सका कि और बातचीत करनी चाहिए.

माना जा रहा है कि अब प्रधानमंत्री एक और बैठक बुला सकते हैं जिसमें जम्मू के नेताओं के अलावा कश्मीरी नेताओं को भी आमंत्रित किया जा सकता है.

महत्वपूर्ण है कि हाल में भारतीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर गया था जिसका मकसद अमरनाथ संघर्ष समिति के साथ बातचीत कर जम्मू में चल रहे आंदोलन का समाधान खोजना था.

तीस से ज़्यादा राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों की अमरनाथ संघर्ष समिति की माँग है कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दी जाए और अमरनाथ यात्रा का प्रबंधन सरकार की जगह फिर से अमरनाथ मंदिर बोर्ड संभाले.

हालाँकि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की संघर्ष समिति के लोगों से बातचीत हुई लेकिन उसका कोई हल नहीं निकल पाया था और जम्मू क्षेत्र में आंदोलन अब भी जारी है.

उधर गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने भारत प्रशासित कश्मीर के व्यापारियों से अपील की थी कि वे जम्मू में जारी आंदोलन के कारण वैकल्पिक रास्ता खोजने के लिए मार्च न करें.

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