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'कश्मीर की हालत पर दुनिया ध्यान दे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक़ ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी भारत प्रशासित कश्मीर की स्थिति पर ध्यान दे. उनका कहना है कि भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों 'मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन' हुआ है इसलिए पाकिस्तान चाहता है कि दुनिया के देश इस मुद्दे पर ग़ौर करें. पाकिस्तान ने कहा कि वह भारत प्रशासित कश्मीर की स्थिति से चिंतित है और उसने अपने रुख़ स्पष्ट रूप से सामने रखा है. उन्होंने कहा, "दुनिया भर के देशों को भारत पर दबाव डालना चाहिए कि वह संयम का परिचय दे और उन लोगों को नियंत्रित करे जो कश्मीरी लोगों को आर्थिक तौर पर तबाह करना चाहते हैं." प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान की सरकार भारत प्रशासित कश्मीर की जनता के ख़िलाफ़ अनावश्यक रूप से अत्यधिक बल प्रयोग की कड़ी निंदा करती है." उनका इशारा जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाले हाइवे पर यातायात रोकने वाले हिंदुवादी प्रदर्शनकारियों की ओर था, कश्मीर के फल के व्यवसायी शिकायत कर रहे हैं कि इस वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुक़सान हो रहा है. मोहम्मद सादिक़ ने कहा कि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र, इस्लामी देशों के संगठन (ओआईसी) और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस बात का अनुरोध किया है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत की यह दलील सही नहीं है कि कश्मीर उसका अंदरूनी मामला है, "यह भारत के अंदरूनी मामलों में दख़लंदाज़ी नहीं है बल्कि पूरी दुनिया जानती और मानती है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है." उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि इस्लामाबाद में भारत के उच्चायुक्त को तलब करके पाकिस्तान ने अपनी चिंता का इज़हार नहीं किया है. इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि "जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बल अनावश्यक तरीक़े से बल प्रयोग कर रहे हैं." भारत कह चुका है कि भारतीय कश्मीर के मामले में 'पाकिस्तान की दख़लंदाज़ी' का असर दोनों देशों के बीच जारी व्यापक बातचीत पर पड़ेगा. इस पर पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा, "कूटनीति का मतलब ही है कि हम एक-दूसरे से बात करें और समस्याओं का हल सुझाएँ, हम यह करते रहेंगे." मोहम्मद सादिक़ ने कश्मीरी चरमपंथी नेता शेख़ अब्दुल अज़ीज़ के पुलिस फ़ायरिंग में मारे जाने को "बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया." |
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