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'सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश सफल नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अहमदाबाद का दौरा किया है और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाक़ात की. इस मुश्किल दौर में भी हिम्मत का परिचय देने के लिए प्रधानमंत्री ने गुजरात के लोगों की सराहना की. मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसे आतंकवादी हमलों का मकसद देश का सामाजिक ताना-बाना और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ना है. लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा." प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे. कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अहमदाबाद पहुँची और पीड़ित परिवारों से मिलीं. उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल पूछा. उधर अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद गुजरात पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है. गुजरात के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी कई जगह छापे मारे जा रहे हैं. शनिवार शाम अहमदाबाद में हुए कई धमाकों में 49 लोग मारे गए थे और 150 से ज़्यादा घायल हुए थे. इस बीच प्रतिबंधित संगठन सिमी के कार्यकर्ता अब्दुल हलीम से पूछताछ की जा रही है. अब्दुल हलीम के अलावा 30 से ज़्यादा लोगों को पुलिस ने धमाकों के सिलसिले में हिरासत में लिया है. अहमदाबाद पुलिस के संयुक्त आयुक्त आशीष भाटिया ने बताया है कि सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. अब्दुल हलीम को अदालत में भी पेश किया गया और अदालत ने उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है. इस बीच रविवार रात को अहमदाबाद पुलिस ने शहर के कई हिस्सों में छापे मारे और लोगों को हिरासत में लिया. जाँच अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा धमाकों में इस्तेमाल की गई साइकिलों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. शुरुआती जाँच में पता चला है कि ये साइकिलें किराए पर ली गई थी.
इस बीच रविवार को सूरत में दो कारों से मिले विस्फोटकों को जाँच के लिए फॉरेन्सिक लैब में भेजा गया है. सूरत के पुलिस आयुक्त आरएमएस बरार ने बताया है कि सूरत में मिले विस्फोटकों के सिलसिले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. दूसरी ओर मुंबई पुलिस ने एक अमरीकी नागरिक के आवास पर छापा मार कर कंप्यूटर जब्त किया है. आरोप है कि इसी कंप्यूटर से कई भारतीय टीवी चैनलों को वो ईमेल भेजा गया था जिसमें पाँच मिनट के अंदर धमाके की बात कही गई थी. हालाँकि 48 वर्षीय अमरीकी नागरिक को पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया है. अहमदाबाद धमाकों के कुछ मिनट पहले यह ईमेल याहू अकाउंट से कई भारतीय समाचार चैनलों को भेजा गया था. ईमेल ईमेल में अपने को इंडियन मुजाहिदीन संगठन का बताते हुए इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली गई थी.
ईमेल में लिखा गया है- अल्लाह के नाम पर इंडियन मुजाहिदीन फिर हमला कर रहा है. जो भी कर सकते हो करो. अभी से पाँच मिनट बाद मौत का आतंक महसूस करो. ईमेल के विषय वाले बॉक्स में लिखा है- गुजरात के बदले के लिए पाँच मिनट इंतज़ार करो. वर्ष 2002 में गोधरा ट्रेन कांड के बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे. जिनमें हज़ारों लोग मारे गए थे. मई से पहले इंडियन मुजाहिदीन नाम के किसी संगठन के बारे में जानकारी नहीं थी. लेकिन जयपुर धमाकों की ज़िम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी. उस धमाके में 60 से अधिक लोग मारे गए थे. इस बीच बंगलौर और अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों की आलोचना जारी है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कड़े शब्दों में धमाकों की निंदा की है. उन्होंने कहा कि कोई भी वजह इन हमलों को जायज़ नहीं ठहरा सकती. एक बयान में उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है. |
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