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'जनता को विचलित करने की कोशिश' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अहमदाबाद में शनिवार की शाम हुए सिलसिलेवार बम धमाके गुजरात के विकास के क्रम और देशवासियों को विचलित करने की कोशिश हैं. अहमदाबाद में शनिवार को हुए 16 सिलसिलेवार धमाकों में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है और 100 के क़रीब लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई की हालत नाज़ुक बनी हुई है. नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों को बताया, "हमारी जानकारी के मुताबिक सोलह धमाके हुए हैं जिनमें अब तक 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर मिली है जबकि 88 लोग घायल हैं. हर मृतक के परिवार को राज्य सरकार पाँच लाख रुपए और घायल व्यक्ति को 50 हज़ार रुपए देगी. सभी घायलों का उपचार सरकारी ख़र्चे पर होगा." उन्होंने कहा कि ये धमाके एक दुश्मनी का रूप हैं और जो लोग मानवता में विश्वास रखते हैं उन्हें एकजुट होकर इनसे निपटना होगा. उधर भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि यह ऐसा वक्त नहीं है जब हम क़ानून व्यवस्था में ख़ामी का आरोप लगाएँ या यह कहें कि पुलिस चाकचौबंद नहीं थी. यह वक्त इन हमलों के पीछे की मंशा से निपटने और इनकी गंभीरता से जाँच करने का है. इन धमाकों की तीखी आलोचना करते हुए केंद्रीय गृहराज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि इन हमलों के पीछे देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की मंशा है. 'सीमा पार हैं तार' उन्होंने कहा, "हमला करने वाले चाहते हैं कि देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े पर इस कठिन परिस्थिति में हमें कतई विचलित नहीं होना है और हमलावरों के मंसूबों को क़ामयाब नहीं होने देना है." गृहराज्य मंत्री ने कहा, "इन हमलों के तार देश के बाहर इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों से जुड़े हो सकते हैं. पड़ोसी देशों से इस तरह की घटनाओं के तार जुड़े होने से इनकार नहीं किया जा सकता है." भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात के अहमदाबाद शहर में हुए कई धमाकों की आलोचना की है और अहमदाबाद के लोगों से संयम की अपील की है. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भी एक संदेश में धमाकों की आलोचना की है और लोगों से अपील की है कि वे शांति और सांप्रदायिक सदभाव बनाए रखें. भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी अहमदाबाद धमाकों की कड़ी आलोचना की है. लोकसभा में विपक्ष के नेता आडवाणी ने कहा कि यह भारत के ख़िलाफ़ 'आतंकवादी कार्रवाई' का संकेत है. साज़िश आडवाणी ने कहा, "मैं इन धमाकों की कड़ी निंदा करता हूँ. बंगलौर के एक दिन बाद ही ये धमाके हुए हैं. ये हमारे देश के ख़िलाफ़ आतंकवादी कार्रवाई का संकेत है. मैं मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ." आडवाणी ने कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी धमाकों की आलोचना की है. उन्होंने ऐसे मामलों से निपटने में कोताही के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने संसद हमले में दोषी ठहराए गए अफ़ज़ल की मौत की सज़ा मामले में केंद्र सरकार के रवैए की आलोचना की. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी अहमदाबाद हमले की आलोचना की है और कहा है कि ये देश को अस्थिर करने की साज़िश है. पार्टी पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया है- जयपुर और बंगलौर में हुए धमाकों के तुरंत बाद अहमदाबाद में हुए धमाकों से यह साबित होता है कि देश को अस्थिर करने और सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने की साज़िश है. | इससे जुड़ी ख़बरें बंगलौर में कड़ी सुरक्षा, बम निष्क्रिय26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'आईटी उद्योग को सीआईएसएफ़ सुरक्षा'26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अहमदाबादः 16 धमाकों में 38 मारे गए, क़रीब 100 घायल26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस बंगलौर में कई धमाके, दो की मौत25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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