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जम्मू में तीसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरनाथ मंदिर बोर्ड को आबंटित ज़मीन रद्द किए जाने के विरोध में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू हिंसक प्रदर्शनों के बीच शनिवार को लगातार तीसरे दिन बंद रही. जम्मू शहर के विभिन्न इलाक़ों में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकल आए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने छह पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी, जिनमें से एक की हालत गंभीर है. जम्मू क्षेत्र के हिंदू बाहुल्य वाले अन्य शहरों में भी प्रदर्शन होने की ख़बरें हैं. बंद का असर जम्मू में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और बैंक बंद रहे और सरकारी दफ़्तरों में भी उपस्थिति बहुत कम रही. बंद का आह्वान अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति (एवाईएसएस) ने किया है. इसके अलावा बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत लगभग 30 राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन हासिल है. बंद की मियाद सोमवार तक बढ़ा दी गई है. समिति की माँग है कि सरकार को अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन वापस देनी चाहिए. इस ज़मीन को लेकर हुए विवाद के बाद घाटी में ज़मीन देने के विरोध में हिंसक आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने ज़मीन वापस लेने की घोषणा की थी. लेकिन जम्मू में इस फ़ैसले का कड़ा विरोध हुआ और लगभग दस दिनों तक आंदोलन चला. इसके बाद स्थिति सामान्य हो रही थी, लेकिन इस मुद्दे पर बुधवार को एक युवक के आत्महत्या कर लेने से हालात फिर बिगड़ गए. | इससे जुड़ी ख़बरें जम्मू में कर्फ़्यू हटाने का फ़ैसला25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में विस्फोट, पाँच मरे, 18 घायल24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस तनाव के बाद जम्मू में कर्फ़्यू24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस दरगाह में आग, विरोध में प्रदर्शन05 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में कर्फ़्यू में नहीं मिली ढील 04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में कर्फ़्यू, बाहरी इलाक़ों में झड़पें02 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ बोर्ड को भूमि देने का फ़ैसला रद्द01 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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