|
अमरनाथ बोर्ड को भूमि देने का फ़ैसला रद्द | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड के वनभूमि देने का फ़ैसला वापस ले लिया है. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने बताया है कि मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें ये फ़ैसला किया गया. कैबिनेट ने कहा है कि 100 एकड़ ज़मीन पर्यटन विभाग को सौंप दी जाएगी. इससे पहले रविवार को राज्यपाल एनएन वोहरा ने पेशकश की थी अगर सरकार ये आश्वासन दे कि वो तीर्थयात्रियों को सुविधाएँ मुहैया कराएगी तो मंदिर प्रबंधन ज़मीन वापस कर देगा. जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुछ दिन पहले अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने का निर्देश जारी किया था लेकिन इस पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी यानी पीडीपी ने कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. ज़मीन देने के विरोध में गठित एक्शन कमेटी ने श्रीनगर में कई दिनों तक प्रदर्शन किया. पीडीपी के समर्थन वापस लेने और ज़मीन आवंटन का विरोध तेज़ होने के बाद मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने रविवार को ज़मीन वापस लेने की पेशकश की थी. अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन देने के फ़ैसले के बाद भड़की हिंसा में अब तक चार लोग मारे जा चुके हैं. उधर जम्मू में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के फ़ैसले का विरोध जारी है. जम्मू में विरोध
जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के मुताबिक कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई. प्रशासन ने जम्मू के कई हिस्सों में कर्फ़्यू लगा दिया है. झड़पों मेंबीस से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. घायलों में पाँच पुलिस वाले भी हैं जिनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. जम्मू कश्मीर सरकार के नए फ़ैसले के ख़िलाफ़ भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू में तीन दिन के बंद का आह्वान किया है. जम्मू के डिविज़नशल कमिश्नर सुधांशु पांडे ने बताया, लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हमने कर्फ़्यू लगाया है. पुलिस ने कहा है कि उधमपुर और सांबा जैसे इलाक़ों में भी प्रदर्शन हुए हैं. मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे राजौरी, डोडा आदि में भी कई जगह बंद रहा. राज्य में भाजपा इकाई के अध्यक्ष अशोक खजूरिया ने कहा है, "ज़मीन आवंटन का फ़ैसला वापस लेना ये दर्शाता है कि सरकार ने मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है. भाजापा इस मुद्दे को लोगों तक ले जाएगी और उनसे जनादेश माँगेगी." इस बीच राज्यपाल एनएन वोहरा ने मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद को सात जुलाई तक बहुमत साबित करने को कहा है. पीडीपी कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल थी और इसके 18 विधायक हैं. 87 सदस्यों वाली जम्मू कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस के 21 विधायक हैं और उसे सीपीएम के दो और आठ निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है. विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस के 24 सदस्य हैं और उसने पहले ही कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने से इनकार कर दिया है. जबकि चार सदस्यों वाली पैंथर्स पार्टी और गठबंधन सरकार के बीच 2005 से ही मनमुटाव चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सातवें दिन भी घाटी में रहा पूर्ण बंद30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन वापसी के विरोध में 'जम्मू बंद'30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस राज्यपाल ने बहुमत साबित करने को कहा30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन वापस करने की पेशकश29 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में प्रदर्शन, यासीन मलिक घायल28 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ ज़मीन मुद्दे पर प्रदर्शन जारी27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ मंदिर से जुड़े विवाद की जड़27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ ज़मीन मुद्दा और गहराया26 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||