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कश्मीर में प्रदर्शन, यासीन मलिक घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को वनभूमि दिए जाने के मुद्दे पर शनिवार को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रमुख अलगाववादी नेता यासीन मलिक पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए. 40 हेक्टेयर वनभूमि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दिए जाने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शनों का दौर घाटी में छठे दिन भी जारी रहा. श्रीनगर के बटमालू में प्रदर्शनकारियों ने दो निजी वाहनों को आग लगा दी. इसके अलावा दो स्थानों पर हुई पुलिस फ़ायरिंग में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है. श्रीनगर में सिविल लाइंस इलाक़े में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट यानी जेकेएलएफ़ के प्रमुख यासीन मलिक के नेतृत्व में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हरि सिंह हाइस्ट्रीट पर पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका और लाठीचार्ज शुरू कर दिया. लाठीचार्ज जेकेएलएफ़ के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने यासीन मलिक और जेकेएलएफ़ के एक अन्य नेता नूर मोहम्मद कलवाल को बुरी तरह पीटा. मलिक को पास के ही बोन एंड ज्वाइंट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उन्हें हाथ में चोट आई है.
हालांकि बाद में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. श्रीनगर और कुछ अन्य जगहों पर भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस के अनुसार श्रीनगर में आलमगिरी बाज़ार में भीड़ ने थाने पर हमला कर दिया. भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी. इसमें दो लोग घायल हो गए. उम्मीद अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन देने का प्रस्ताव पिछले महीने तत्कालीन राज्यपाल ने किया था, जिसे बाद में राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी मंज़ूरी दी थी. शुरुआत में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अलगाववादी संगठनों ने किया था और इन प्रदर्शनों के कारण जन-जीवन ख़ासा प्रभावित हुआ. घाटी में सोपोर, अनंतनाग और शोपियान में भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं. छह दिनों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में अब तक तीन लोग मारे गए है. इस बीच, राज्य के उप मुख्यमंत्री मुज़फ़्फ़र बेग ने उम्मीद जताई है कि राज्य के नए राज्यपाल एनएन वोहरा इस मसले का हल खोजने के लिए कुछ पहल करेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन दिए जाने के विरोध को देखते हुए वे राज्य सरकार को इस बारे में पत्र लिख सकते हैं और स्थिति में कुछ बदलाव हो सकता है. उधर, इस मसले पर राजनीति भी गर्माने लगी है. गुरुवार को जम्मू क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी ने हिंदू बाहुल्य जम्मू क्षेत्र में हड़ताल का आहवान किया था जो ख़ासा असरदार रहा था. |
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