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शिव सेना नेता को दंगों के मामले में सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई दंगों के लिए गठित एक विशेष अदालत ने बुधवार को शिव सेना के पूर्व सांसद और पार्टी के दो कार्यकर्ताओं को 1993 दंगों के मामले में सज़ा सुनाई है. अदालत ने पूर्व सांसद मधुकर सरपोतदार के अलावा अशोक शिंदे और जयवंत परब को हिंसा भड़काने का दोषी पाया है और एक एक साल की सज़ा सुनाई है. हालांकि सरपोतदार को ज़मानत मिल गई है. सरपोतदार के साथ साथ शिंदे और परब पर पाँच-पाँच हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. कोर्ट ने इसी मामले में उमेश पवार, शांताराम और प्रदीप को बरी कर दिया है. इसी महीने 1993 दंगों के मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने मुंबई की एक अदालत में सांसद सरपोतदार की पहचान की थी. पुलिस इंस्पेक्टर माधव खानोलकर ने अदालत में कहा था कि 27 दिसंबर 1992 को जब खैरवाड़ी इलाक़े में गणेश उत्सव समिति मंडल के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी तो उसमें सरपोतदार, केपी नायक और पवार वहां मौजूद थे. इन नेताओं ने इलाके़ में भड़काऊ भाषण दिए थे जिसके बाद एक जूलूस भी निकाला था. 27 दिसंबर 1992 में पूर्व सांसद और वरिष्ठ शिव सेना नेता सरपोतदार अपने कई और पार्टी नेताओं के साथ बांद्रा इलाके़ में थे और 200 लोगों की भीड़ को लकेर गणेश मंदिर की तरफ गए. अभियोजन पक्ष का कहना है कि मुस्लिमों के ख़िलाफ़ सरपोतदार के भड़काऊ भाषण के कारण भीड़ उग्र हो गई जिसके बाद पथराव किया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें बेस्ट बेकरी कांड से उठते सवाल26 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस बादल राष्ट्रपति से मिले, दो समितियाँ गठित13 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस मऊ दंगों की उच्चस्तरीय जाँच17 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस 1984 के दंगों की जाँच सीबीआई करेगी28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस अलवर हत्याकांड में 20 को उम्रक़ैद21 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गोरखपुर में दंगा, एक की मौत27 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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