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गोरखपुर में दंगा, एक की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में पुलिस का कहना है कि गोरखपुर शहर में शुक्रवार की रात दो संप्रदायों के बीच दंगा हो गया जिसमें एक युवक की मृत्यु हो गई है. पुलिस के अनुसार तनाव बढ़ता देख शनिवार की दोपहर से पुराने शहर के तीन थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है. नगर पुलिस अधीक्षक रामचंद यादव का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है. शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं. लखनऊ से वरिष्ठ अधिकारी भी गोरखपुर पहुँच गए हैं. मिली जानकारी के अनुसार झगड़ा बिल्कुल अप्रत्याशित रूप से शुरू हुआ. इस्माइलपुर में झन्कार टॉकीज़ के सामने एक हिंदू परिवार के प्रीतिभोज में नाच गाना चल रहा था. इसी दौरान आपस में झगड़ा हो गया. झगड़े के बाद एक गुट भाग गया. दूसरे ने पीछे से दौड़ते हुए कट्टे से फ़ायर किया. सामने मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम का जुलूस आ रहा था. कट्टे से फ़ायर के कुछ छर्रे मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को लगे. पुलिस का कहना है कि जुलूस में शामिल लोगों ने हमला करके राजकुमार अग्रहरि नाम के एक युवक को मार डाला. इसके बाद जुलूस ने इस्माइलपुर में कारों और दुकानों में तोड़फोड़ भी की. इसके बाद हिन्दू महासभा के विधायक राधामोहन दास अग्रवाल और भाजपा के पूर्व मंत्री विश्वप्रताप शुक्ल व्यापारियों के साथ धरने पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया. हिन्दू महासभा के नेता सांसद आदित्यनाथ योगी भी धरने में पहुँच गए, जो आक्रामक तेवर के लिए जाने जाते हैं. सांसद योगी के पहुंचने पर हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच नारेबाज़ी और हवाई फ़ायरिंग हुई, जिससे तनाव और बढ गया. इसके बाद अधिकारियों ने कफ़्यू लागू कर दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें धार में हिंसा में दो मरे21 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना भोजशाला में भारी भीड़06 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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