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कर्नाटक में किसानों का आंदोलन, तनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उत्तरी कर्नाटक में रासायनिक खाद और बीज की कमी के कारण किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिए हैं. स्थिति तनावपूर्ण है और वहाँ क़ानून व्यवस्था का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मंगलवार को राज्य के हावेरी शहर में खाद-बीज की माँग कर रहे किसानों पर पुलिस फ़ायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पाँच लोग घायल हो गए थे. ये किसान ताल्लुक कृषि उत्पाद विपणन सहकारी समिति के दफ़्तर में उर्वरक लेने आए थे लेकिन अचानक बिक्री रोक दिए जाने से किसान बेकाबू हो गए. मुख्यमंत्री ने साज़िश बताया बैंगलोर से स्थानीय पत्रकार भास्कर हेगड़े ने बीबीसी को बताया की राज्य के उत्तरी हिस्सों में खाद का संकट ज़्यादा है. खरीफ़ की खेती के लिए राज्य में करीब सवा दो लाख टन खाद की ज़रुरत है. राज्य के अधिकारीयों के अनुसार राज्य में केवल साढ़े उन्नीस हज़ार टन खाद ही उपलब्ध है. हेगड़े कहते हैं की अभी तक तो तनाव केवल राज्य के उत्तरी हिस्सों में सिमटा हुआ है पर अगर खाद की उपलब्धता नहीं सुधरी तो तनाव फैल सकता है. पिछले हफ़्ते खाद में जारी कमी के विरोध में दावणगेरे में किसानों ने हड़ताल की थी. सोमवार को धारवाड़ में भी एक ऐसा ही आंदोलन हिंसक हो गया था और लोगों ने तीन बसों को जला डाला था. एक और जगह बंकापुर में भी पुलिस और किसानों के बीच झड़पें हुईं. इसमें आठ पुलिसकर्मियों समेत बीस लोग घायल हुए हैं. बुधवार सुबह राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हालात की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है. उन्होंने राज्य में खाद की कमी के पीछे राजनीतिक साज़िश कि बात कही है. येदियुरप्पा का आरोप है कि यह उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें कर्नाटक में किसानों पर पुलिस फ़ायरिंग10 जून, 2008 | भारत और पड़ोस हज़ारों टन आयातित गेहूँ नष्ट किया जाएगा13 मई, 2008 | भारत और पड़ोस किसानों की आत्महत्या में कमी नहीं05 मई, 2008 | भारत और पड़ोस किसानों को कर्ज़ में अतिरिक्त राहत नहीं21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस किसान रैली से चुनाव प्रचार की शुरुआत08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस अब बाड़मेर में किसान सड़कों पर उतरे30 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस गाँव की ओर 'वापसी'15 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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