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सोमवार, 21 अप्रैल, 2008 को 20:50 GMT तक के समाचार
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किसानों को कर्ज़ में अतिरिक्त राहत नहीं
भारतीय कृषि मंत्री शरद पवार
शरद पवार ने कहा कि सरकार अतिरिक्त ज़िम्मेदारी उठाने की स्थिति में नहीं है
महंगाई की मार झेल रहे भारत के किसानों को कर्ज़ के मामले में भी केंद्र सरकार से अतिरिक्त राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है.

भारत के कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को यह स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि किसानों के अतिरिक्त कर्ज़ को माफ़ करने की कोई गुंजाइश नहीं है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार फिलहाल इस स्थिति में नहीं है कि और नई ज़िम्मेदारियों को उठाए.

भारत में लाखों की तादाद में किसान कर्ज़ में डूबे हैं और सरकारों की ओर इस आस से देख रहे हैं कि कर्ज़ माफ़ी का लाभ उनतक भी पहुंचेगा, उन्हें भी राहत मिलेगी.

पिछले दिनों केंद्र सरकार ने किसानों को कर्ज़ में बड़ी रियायत देने की घोषणा की थी. हालांकि इसके दायरे में वही किसान आ रहे थे जिनके पास दो हेक्टेअर से कम ज़मीन थी.

सरकार की इस राहत के दायरे में छोटे किसान तो आ रहे थे पर यह मांग भी लगातार उठती रही कि सरकार को राहत देने के लिए ज़मीन की अधिकतम सीमा बढ़ानी चाहिए ताकि और किसान भी इससे लाभान्वित हो सकें.

कैसे मिले राहत

केंद्र की सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के घटक दल भी इस बात की सिफ़ारिश करते रहे हैं कि किसानों को राहत देने के लिए दो हेक्टेअर वाली सीमा बढ़ाई जानी चाहिए.

पर किसानों की इस अतिरिक्त मदद की आस को कृषि मंत्री ने पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है.

उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही पर्याप्त राहत की घोषणा कर चुकी है और अब सरकार अतिरिक्त ज़िम्मेदारी नहीं निभा सकती.

उधर कर्ज़ मे डूबे किसानों की आत्महत्या के मामले अभी भी देश में बंद नहीं हुए हैं. 60 हज़ार करोड़ के पैकेज और कर्ज़ माफ़ी की घोषणा के बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं.

सरकार ने जिस पैकेज की घोषणा की है उसमें साहूकारों से लिए गए कर्ज़ से राहत की कोई बात नहीं है. यह भी किसानों के लिए चिंता और राहत न मिलने की बड़ी वजह रहा है.

पिछले कुछ वर्षों में किसानों ने जो कर्ज़ लिया है उसमें से एक बड़ा हिस्सा उन्हें साहूकारों से मिला है जो किसानों को बड़ी ब्याज़ दरों पर कर्ज़ देते रहे हैं.

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