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संसद में किसानों के मुद्दे पर हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संसद के दोनों सदनों में देश में किसानों की ख़राब स्थिति पर हंगामा हुआ. इसके कारण दोनों सदनों, लोक सभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी. लोक सभा में जैसे ही तीन नए सदस्यों ने शपथ ली, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), समाजवादी पार्टी और तेलुगू देशम पार्टी के नेताओं ने किसानों की स्थिति पर चर्चा कराने की माँग की. समाजवादी पार्टी के सदस्य अखिलेश यादव के नेतृत्व में लोक सभा अध्यक्ष के आसन तक पहुँच गए. लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदस्यों से वापस अपनी सीटों पर जाने का अनुरोध किया, लेकिन इस पर सुनवाई न होते देख उन्होंने लोक सभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी. राज्यसभा में भी समाजवादी पार्टी और तेलुगू देशम सदस्यों ये मुद्दा उठाया. इस दौरान एनडीए सदस्यों ने भी उनका साथ दिया. राज्यसभा में सदस्य ‘किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाने लगे. शोरशराबे के बीच कुछ सदस्यों का कहना था कि कृषि मंत्री शरद पवार क्रिकेट खिलाड़ियों की बोली लगाने के बजाए किसानों की स्थिति पर ध्यान दें. राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने इन सदस्यों को शांत करने की कोशिश की. लेकिन हंगामा न थमते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी. |
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