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'आश्वस्त नहीं कि आत्महत्याएँ रुकेंगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि वे इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि कर्ज़ माफ़ कर देने से उनके गृह राज्य में किसानों की आत्महत्याएँ रुक जाएँगीं. उन्होंने कहा, "मैं कह नहीं सकता कि आत्महत्याएँ रुक जाएँगीं....क्या पता कि कोई आत्महत्या किन कारणों से करता है..." उनके पूछा गया था कि क्या 60 हज़ार करोड़ रुपयों के कर्ज़ माफ़ी पैकेज से विदर्भ में किसानों की आत्महत्याएँ रुक जाएँगीं. उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने वर्ष 2008-09 के बजट में छोटे किसानों के कर्ज़ माफ़ करने के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपयों के पैकेज की घोषणा की है. कृषि मंत्री शरद पवार ने शनिवार को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किसानों पर विभिन्न बैंकों का एक लाख पाँच हज़ार करोड़ रुपयों का कर्ज़ है और उसमें से 60 हज़ार करोड़ रुपयों का कर्ज़ माफ़ किया गया है. उन्होंने बताया कि इससे कुल चार हज़ार करोड़ किसानों को लाभ पहुँचेगा. बजट में दी गई राहत को ऐतिहासिक बताते हुए शरद पवार ने कहा कि अकेले महाराष्ट्र में 75 प्रतिशत किसानों को, जिनकी ज़मीन दो हैक्टेयर से कम है, इसका लाभ मिलेगा. यह पूछे जाने पर कि इस पैकेज को लेकर राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है, उन्होंने कहा, "हमें इसकी चिंता नहीं है..बड़ी बात यह है कि आज़ादी के बाद किसानों को इतना बडा लाभ मिला है." | इससे जुड़ी ख़बरें अख़बारों की आम राय - 'चुनावी बजट' 01 मार्च, 2008 | कारोबार बजट से नहीं संभले शेयर बाज़ार29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार 'समय से पहले चुनाव का संकेत है यह बजट'29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार भाजपा, वाम ने की बजट की आलोचना29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार क्या सस्ते, क्या महँगे29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार किसानों के कर्ज़ माफ़, आयकर में राहत29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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