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कर्नाटक में किसानों पर पुलिस फ़ायरिंग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक के हावेरी शहर में खाद-बीज की माँग कर रहे किसानों पर पुलिस फ़ायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और चार लोग घायल हुए हैं. ये किसान ताल्लुक कृषि उत्पाद विपणन सहकारी समिति के दफ़्तर में उर्वरक लेने आए थे लेकिन अचानक बिक्री रोक दिए जाने से किसान नाराज़ हो गए. पुलिस का कहना है कि पहले उग्र किसानों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोलों का सहारा लिया गया लेकिन इससे बात नहीं बनी और फ़ायरिंग करनी पड़ी. पुलिस के मुताबिक किसान पिछले एक हफ़्ते से खाद-बीज की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. एक और जगह बंकापुर में भी पुलिस और किसानों के बीच झड़पें हुई. इसमें आठ पुलिसकर्मियों समेत बीस लोग घायल हुए हैं. शिगाँव शहर में किसानों की भीड़ ने एक गोदाम में घुस कर उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की थैलियाँ उठा ली. हाल ही में सत्ता में आए राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मृतक किसान के परिजनों को दो लाख रूपए की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने इस घटना को नियोजित षडयंत्र क़रार दिया और आरोप लगाया कि यह उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को शांत रहना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें हज़ारों टन आयातित गेहूँ नष्ट किया जाएगा13 मई, 2008 | भारत और पड़ोस किसानों की आत्महत्या में कमी नहीं05 मई, 2008 | भारत और पड़ोस किसानों को कर्ज़ में अतिरिक्त राहत नहीं21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस किसान रैली से चुनाव प्रचार की शुरुआत08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस अब बाड़मेर में किसान सड़कों पर उतरे30 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस गाँव की ओर 'वापसी'15 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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