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उत्तर भारतीय फिर राज के निशाने पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी एमएनएस या मनसे की उत्तर भारतीयों की तुलना मच्छर से करने संबंधी विज्ञापन पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. पार्टी ने मुंबई में प्रवेश करने के रास्तों पर यह बैनर लगाया है. जिसमें खूब सारे मच्छर हैं, जो एमएनएस या मनसे स्प्रे करने पर भाग रहे हैं. उस पर लिखा है- मनसे स्प्रे करो... भैया... मच्छर भगाओ... इसमें एक तस्वीर भी बनी है जो सपा नेता मुलायम सिंह यादव से मिलती-जुलती है. विज्ञापन के बारे में पूछे जाने पर मनसे कार्यकर्ता चुप्पी साध जाते हैं, लेकिन नाम उजागर न करने की शर्त पर वे कहते हैं कि ये उत्तर भारतीयों को सबक सिखाने के लिए लगाया गया है. पिछले शनिवार को राज ठाकरे के भाषण के बाद राज्य पुलिस पर राज ठाकरे पर कार्रवाई करने के लिए दबाव बना हुआ है. शायद यही कारण है कि पार्टी कार्यकर्ता इस विज्ञापन पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं. कांग्रेस की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता संजय निरुपम इस विज्ञापन के बारे में कहते हैं कि वो किसी को राजनीति करने से नहीं रोकते लेकिन इस हद तक गिर जाना सही नहीं है. वो कहते हैं कि राज ठाकरे क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं और संविधान की मर्यादाओं को लांघ रहे हैं. निरुपम की पार्टी कांग्रेस की सरकार महाराष्ट्र में है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं होती, वो कहते हैं कि सरकारें सोच समझ कर फ़ैसला करती हैं और वो सरकार से अपील करते हैं कि राज ठाकरे के ख़िलाफ़ एक 'फ़ूल प्रूफ केस' बनाया जाए ताकि उन्हें सज़ा मिल सके. साथ ही संजय ये भी कहते हैं कि मुंबई हर किसी का शहर है टाटा से लेकर टैक्सी वालों का और रिलायंस से लेकर रिक्शा वालों का और बाहर से आए लोगों को डरना नहीं चाहिए. लेकिन क्या राज ठाकरे के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी, इस पर संजय कहते हैं कि ये सरकार का काम है और वह सरकार से अपील ही कर सकते हैं. कार्रवाई का दबाव उल्लेखनीय है कि शनिवार के भाषण के बाद एनसीपी के नेताओं ने उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल पर बहुत दबाव बनाया था जिसके बाद पाटिल ने इस्तीफ़ा देने की धमकी दे दी थी. ख़बरों के मुताबिक सरकार राज ठाकरे के बयानों की जांच कर रही है और मामला तैयार करने की कोशिश कर रही है, जिससे कोर्ट में उन्हें बचने का मौक़ा न मिले. उधर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता अब पहले से अधिक सतर्क दिखते हैं और सोच समझ कर आरोप लगा रहे हैं. इन सबके बीच मुंबई में काम करने वाला साधारण उत्तर भारतीय दुखी और परेशान है. वह चाहता है कि उन्हें बिना परेशानी के रोज़ी मिलती रहे. |
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