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समझौते पर यूपीए-वाम दलों की बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूपीए औऱ वाम दलों के बीच मंगलवार को भारत अमरीका परमाणु करार पर समन्वय समिति की आठवीं बैठक हो रही है. इसके बारे में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार वाम दलों के उठाए किसी भी मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार है. प्रधानमंत्री ने ये बात राष्ट्रपति भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही. वहाँ वो एक समारोह में भाग लेने पहुँचे थे. इस बैठक में इस बात पर विचार होगा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सुरक्षा समझौते के अंतिम स्वरूप पर सरकार हस्ताक्षर करे या नहीं. विरोध भारत-अमरीका परमाणु करार को आगे बढ़ाने के लिए भारत के लिए इस सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करना बेहद ज़रूरी है. लेकिन यूपीए गठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन करने वाले वाम दल इस सुरक्षा समझौते का विरोध कर रहे हैं. सोमवार को वाम नेता सीताराम येचुरी ने पत्रकारों को बताया था कि समझौते के बारे में उन्होंने अपने मत और विरोध से सरकार को अवगत करवा दिया है. सीताराम येचुरी ने कहा कि अभी तक उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि आईएईए से साथ सुरक्षा समझौते पर बातचीत पूरी हो गई है या नहीं. उनका कहना था, '' अगर ऐसा हो गया है तो हम जानना चाहेंगे कि क्या समझौते में ऐसी बाते हैं जिससे हमारी चिंताओं का समाधान हो पाएगा.'' सीताराम येचुरी ने कहा कि जहाँ तक हमारी समझ है, जब तक सरकार और किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के बीच किसी समझौता को अंतिम रूप नहीं दिया गया हो, समझौते के अंश को जनता के सामने नहीं रखा जा सकता है. सीपीएम सीताराम येचुरी ने कहा कि भारत अमरीका परमाणु समझौते को तब तक क्रियाशील नहीं किया जाना चाहिए जब तक वाम दलों की सभी आपत्तियों को हल नहीं ढूंढ़ लिया जाता है. |
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