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'गोवा पुलिस ने मिटने दिए सबूत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्कारलेट कीलिंग की मौत के मामले की सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश का स्वागत किया है. गोवा की सरकार ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा था कि इस मामले की तहक़ीक़ात केंद्रीय जाँच ब्यूरो करे. राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि सीबीआई को हत्या से जुड़े तथ्यों को जुटा पाने में कड़ी मशक़्कत करनी पड़ेगी. महिला आयोग के अनुसार गोवा पुलिस ने कीलिंग हत्याकांड मामले की जांच मे काफ़ी लापरवाही बरती है और अब इस मामले से जुड़े अहम सबूत नष्ट हो चुके हैं. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन से गोवा आई पर्यटक स्कारलेट का शव 18 फ़रवरी को गोवा के अंजुना समुद्र तट पर अर्धनग्न हालत में मिला था. इसके बाद हत्या या मौत की गुत्थी सुलझाने की कवायद में स्कारलेट का दो बार पोस्टमार्टम हुआ. दोनों बार पुलिस की ओर से अलग-अलग बयान दिए गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी असमानताएं पाई गई थीं. पुलिस की कार्रवाई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्कारलेट की मां की भूमिका और विदेशी पर्यटकों की हत्या के बढ़ते मामलों के चलते यह पूरा प्रकरण पिछले दिनों खासी चर्चा में रहा. पिछले दिनों राष्ट्रीय महिला आयोग के एक दल ने भी इस पूरे मामले में पहल करते हुए तथ्यों को मिलाकर समझने की कोशिश की और एक रिपोर्ट जारी की. आयोग की नज़र में.. महिला आयोग की जांच के अनुसार स्कारलेट की मां का यह कहना सही है कि पुलिस ने दबाव में काम किया है और ऐसा लगता है कि गोवा पुलिस इस अपराध में लिप्त लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है. महिला आयोग के जांच दल का नेतृत्व कर रही निर्मला वैंकटेश का कहना था, "पुलिस की भूमिका इस मामले मे पूरी तरह से जांच को ग़लत रास्ते पर डालने की रही है. इतना ही नहीं, पुलिस ने उन सभी सबूतों को नष्ट होने दिया जिनसे हत्या या बलात्कार का मामला साबित हो सकता था." उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि स्कारलेट के शव की विसरा रिपोर्ट मे हुई देरी भी जानबूझकर की गई लगती है. कुल मिलाकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्कारलेट की मां फियोना की आशंकाओं, आरोपों और मांगों का समर्थन किया है और उम्मीद जताई कि सीबीआई जांच से सच सामने आ पाएगा. हालाँकि महिला आयोग पर भी सवाल उठ रहा है कि उसने इस मामले में हस्तक्षेप करने में देरी की. अगर उसने पहले हस्तक्षेप किया होता तो शायद सबूतों को नष्ट होने से बचाया जा सकता था. इससे पहले स्कारलेट की मां राज्य सरकार और भारत के प्रधानमंत्री को लिखित तौर पर इस मामले की सीबीआई जाँच करवाने और उन्हें न्याय दिलवाने की बात कह चुकी थीं. हालांकि ब्रिटेन सहित भारत में भी कुछ लोगों ने स्कारलेट की मां की भी भूमिका पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उन्हें इस ग़ैरज़िम्मेदाराना तरीके से अपनी नाबालिग बेटी को अनजान लोगों के भरोसे छोड़कर दूसरे राज्य की यात्रा पर नहीं जाना चाहिए था. स्कारलेट हत्याकांड ब्रितानी पर्यटक स्कारलेट कीलिंग का शव 18 फ़रवरी को गोवा के एक तट पर अर्धनग्न अवस्था में मिला था.
शुरुआती जाँच और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने इस मामले में कहा था कि स्कारलेट की मौत ज़्यादा नशे की हालत में समुद्र में डूब जाने के कारण हुई. पर स्कारलेट की माँ पुलिस के इस तर्क से सहमत नहीं थीं. उन्होंने पुलिस की रिपोर्ट को नाकाफ़ी बताया और अपनी लड़की की हत्या की आशंका जाहिर की. स्कारलेट का दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद यह नई बात सामने आई कि स्कारलेट की हत्या की गई थी, उसके बाद गोवा की पुलिस नए सिरे से मामले की जाँच-पड़ताल में जुट गई थी. पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में भी लिया था. दूसरी बार पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों को स्कारलेट के जिस्म पर तकरीबन 50 चोट और खरोंच के निशान मिले थे. इस जाँच के बाद यह आशंका भी जताई गई कि शायद हत्या से पहले स्कारलेट के साथ बलात्कार भी किया गया था. ब्रिटेन के डेवोन की 15 साल की स्कारलेट अपनी मां और चार भाई-बहनों के साथ पिछले साल नवंबर में छह महीनों के लिए गोवा घूमने आई थी. ब्रिटेन के उच्चायोग के मुताबिक पिछले एक साल में गोवा में संदिग्ध हालत में चार ब्रितानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. |
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