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सरकारी बैंकों की हड़ताल टली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सरकारी बैंक कर्मियों की दो दिन की हड़ताल वापस ले ली गई है. कर्मचारियों की माँगों पर ध्यान देने के आश्वासन के बाद ये फ़ैसला हुआ है. बैंक कर्मचारी वेतन भत्तों से संबंधित माँगों के अलावा सरकारी बैंकों के आपस में प्रस्तावित विलय का विरोध कर रहे हैं. इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष एमबीएन राव ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के संगठन ‘यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस’ के साथ बातचीत करने पर सहमति बन गई है. राव ने कहा, "सोमवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे." उन्होंने कहा कि इस वजह से यूनियन सोमवार और मंगलवार को हड़ताल न करने पर राजी हो गई हैं. राव ने कहा कि बातचीत की विस्तृत रूपरेखा तीन मार्च को तय की जाएगी. बैंक कर्मचारियों की माँग है कि नए सिरे से वेतन निर्धारण किया जाए और कर्मचारियों को पेंशन योजना और अनुकंपा नियुक्ति का भी विकल्प मिले. इससे पहले मुख्य श्रम आयुक्त एसके मुखोपाध्याय ने शुक्रवार को और आईबीए ने शनिवार को इस बारे में बैठक की थीं जो विफ़ल हो गई थीं. | इससे जुड़ी ख़बरें बैंक कर्मचारियों की 'देशव्यापी' हड़ताल25 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस हड़तालों की संख्या में भारी गिरावट03 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को चेतावनी13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस मज़दूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एम्स के डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म07 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस स्टेट बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस कर्मचारियों की मांगें नहीं मानेगी सरकार04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हड़ताल03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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