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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने आज पेंशन संबंधी लाभ की मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल कर दी है. बैंक यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में अधिकारियों समेत ढाई लाख से अधिक बैंक कर्मचारी शामिल हैं और देश भर में बैंक की नौ हज़ार से अधिक शाखाएं बंद हैं. इससे पहले यूनियनों ने दिल्ली में एक अप्रैल को श्रम आयुक्त से वार्ता की थी लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला था जिसके बाद हड़ताल का आह्वान किया गया था. संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव शांता राजू ने बेंगलोर में कहा है कि इस हड़ताल में ढाई लाख कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं. बैक कर्मचारियों की मांग है कि पेंशन संबंधी लाभों को अभी भी 1992 के वेतन के आधार पर रखा गया है जबकि 1997 और 2002 में वेतनमान बढ़ाया गया है. उनका कहना है कि पेंशन लाभ भी बढ़े हुए वेतनमान के आधार पर दिया जाना चाहिए. ऑल इंडिया एसबीआई स्टाफ फेडरेशन के उपाध्यक्ष वी के गुप्ता कहते हैं कि पेंशन में बढ़ोतरी के लिए मात्र 180 करोड़ रुपयों की ज़रुरत होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें देशव्यापी हड़ताल से जनजीवन प्रभावित29 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डा निजीकरण को मंज़ूरी01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस ऊँट पर चलता 'मोबाइल बैंक'05 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस बुनियादी सुविधाओं पर ज़ोर | भारत और पड़ोस ब्रिटेन में खुलेगा इस्लामी बैंक09 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ः पाँच करोड़ की बैंक डकैती14 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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