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स्टेट बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के कर्मचारियों ने एक हफ़्ते से चली आ रही हड़ताल वापस लेने का फ़ैसला किया है. बीबीसी संवाददाता ज्योत्सना सिंह के मुताबिक भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि पेंशन बढ़ाने के मुद्दे पर सहमति बन गई है. रविवार को श्रम संगठन के नेताओं और बैंक प्रबंधन के बीच दिन भर बातचीत का दौर चला. इसके बाद ही हड़ताल वापस लेने की घोषणा की गई. बातचीत का न्यौता केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दिया था. पी चिदंबरम ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि श्रम संगठनों ने आश्वासन दिया है कि बैंक के कर्मचारी सोमवार से काम पर वापस आ जाएँगे. हड़ताल के चलते आम लोगों को हुई असुविधा के लिए वित्त मंत्री ने अफ़सोस ज़ाहिर किया. पेंशन संबंधी लाभ के मुद्दे को लेकर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के कर्मचारी तीन अप्रैल से हड़ताल पर थे. बैक कर्मचारियों की माँग थी कि पेंशन संबंधी लाभों को अभी भी 1992 के वेतन के आधार पर रखा गया है जबकि 1997 और 2002 में वेतनमान बढ़ाया गया था. उनका कहना था कि पेंशन लाभ भी बढ़े हुए वेतनमान के आधार पर दिया जाना चाहिए. हड़ताल में अधिकारियों समेत ढाई लाख से अधिक बैंक कर्मचारी शामिल थे और देश भर में बैंक की नौ हज़ार से अधिक शाखाएँ बंद पड़ी थीं. हड़ताल के चलते लाखों रुपए मूल्य के चैक यूँ ही पड़े हुए थे और देश भर में बैंकिंग सेवाओं पर बुरा असर पड़ा. अधिकारियों ने कहा है कि कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद बैंक का कामकाज सामान्य होने में 24 घंटे लगेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें देशव्यापी हड़ताल से जनजीवन प्रभावित29 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डा निजीकरण को मंज़ूरी01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस ऊँट पर चलता 'मोबाइल बैंक'05 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस बुनियादी सुविधाओं पर ज़ोर | भारत और पड़ोस ब्रिटेन में खुलेगा इस्लामी बैंक09 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ः पाँच करोड़ की बैंक डकैती14 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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