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गुरुवार, 14 दिसंबर, 2006 को 06:22 GMT तक के समाचार
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मज़दूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल
हड़ताल
इससे पहले भी सरकार की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल हो चुकी है
भारत में सत्ताधारी यूपीए सरकार की कथित जनविरोधी आर्थिक नीतियों के विरोध में घोषित मज़दूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का पश्चिम बंगाल और केरल में असर दिखने को मिला.

इस हड़ताल को वामपंथी दलों का समर्थन मिला लेकिन कांग्रेस समर्थित मज़दूर संगठन इंटक और आरएसएस समर्थित बीएमएस इसमें शामिल नहीं हुए.

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार हड़ताल का असर वामदल शासित राज्यों पश्चिम बंगाल और केरल में देखने को मिला और वहाँ यातायात बाधित हुआ.

बैंगलोर और चेन्नई में ऑटोरिक्शा नहीं चल रहे थे लेकिन जनजीवन बाधित नहीं हुआ. मुंबई में भी हड़ताल का असर दिखाई नहीं दिया.

हड़ताल कर रहे मज़दूर संगठनों ने आरोप लगाए कि केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार लोगों की तकलीफ़ की ओर ध्यान नहीं दे रही है और बढ़ती क़ीमतों पर लगाम लगाने के लिए क़दम नहीं उठा रही है.

उल्लेखनीय है कि केंद्र की यूपीए सरकार को वामदल बाहर से समर्थन दे रहे हैं.

असर

कोलकाता से बीबीसी संवाददाता ने बताया कि हड़ताल के दौरान सड़क पर सार्वजनिक यातायात के कोई साधन नहीं थे. दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे.

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़े प्रतिष्ठानों को हड़ताल से अलग रखा गया था.

इसी तरह से केरल में बसें, टैक्सियाँ और ट्रकें नहीं चलीं. हड़ताल के दौरान किसी भी राज्य से हिंसा की कोई ख़बरें नहीं मिलीं.

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