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मुंबई में बसों की हड़ताल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वेतनमान में सुधार की मांग को लेकर मुंबई के बसों के 40 हज़ार से अधिक कर्मचारी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इससे तीन हज़ार से अधिक बसें सड़कों पर नहीं चल रही हैं. मुंबई से बीबीसी संवाददाता मोनिका चड्ढा का कहना है कि रेलों और टैक्सी सेवा ठीक तरह से चल रही हैं और इसकी वजह से बस यात्रियों को कुछ कम परेशानी हुई है. मुंबई महानगर में सार्वजनिक बस परिवहन का कार्य बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (बेस्ट) के ज़िम्मे है. बेस्ट के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कुर्दुकर वेतन समिति की सिफ़ारिशों पर आपत्ति है. वे समिति की रिपोर्ट के अनुसार मंहगाई भत्ता और अंतरिम राहत भत्ता रोकने का विरोध कर रहे हैं. बेस्ट के कर्मचारियों के साथ बेस्ट प्रबंधन की चर्चा हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. हालांकि अदालत ने इस हड़ताल को ग़ैरक़ानूनी करार दिया है लेकिन फिर भी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मेधा पाटकर ने भूख हड़ताल समाप्त की17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस स्टेट बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस हिंसक झड़पों के बाद हड़ताल का आहवान12 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाई अड्डा कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डा निजीकरण को मंज़ूरी01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस निजीकरण के विरोध में हड़ताल 31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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