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हड़ताल से जनजीवन प्रभावित हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में मंगलवार को 12 घंटे की हड़ताल से आम जनजीवन पर काफ़ी असर पड़ा है. ये लोग टाटा समूह को उसकी कार योजना के लिए राज्य के हूगली ज़िले में कृषि भूमि देने के फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं. हड़ताल का आह्वान दो वामपंथी पार्टियों- सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया(एसयूसीआई) और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया( मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने किया है. मंगलवार को पुलिस और इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच कोलकाता समेत कई जगहों पर झड़पें हुईं. पुलिस ने 150 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार भी किया. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि ज़्यादातर दुकानें, स्कूल और कॉलेज बंद हैं और सड़कों पर यातायात भी कम है. 'परियोजना जारी रहेगी' उधर राज्य में विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पार्टी की नेता ममता बैनर्जी सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. पश्चिम बंगाल सरकार कोलकाता से 50 किलोमीटर दूर सिंगूर के पास करीब एक हज़ार एकड़ ज़मीन टाटा मोटर की प्रस्तावित फ़ैक्ट्री के लिए दे रही है. ममता बैनर्जी की माँग है कि राज्य सरकार सिंगूर में ज़मीन अधिग्रहण को तुरंत रोके. लेकिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा है कि टाटा समूह की परियोजना जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि फ़ैक्ट्री के आसपास बाड़ लगाने का काम पूरा कर लिया गया है और टाटा समूह से कहा गया है कि वो ज़मीन संभाल ले. उनका कहना था, "अगर ये परियोजना लागू नहीं होती है तो हमें कई और योजनाओं से हाथ धोना पड़ेगा जो बंगाल में आने वाली हैं." 'अराजकता स्वीकार नहीं' बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा कि ज़्यादातर ग्रामीणों ने मुआवज़ा स्वीकार कर लिया है और केवल माओवादी और तृणमूल ही बवाल मचा रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के कई विधायकों ने मुख्यंत्री के बयान के विरोध में विधान सभा से वॉकआउट किया. लेकिन मुख्यमंत्री का कहना था कि वे विपक्ष से बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन अराजकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे बंगाल में और निवेश की संभावनाओं पर असर पड़ेगा. सोमवार को भी पश्चिम बंगाल में टाटा की योजना के विरोध में प्रदर्शन हुए थे. कुछ संदिग्ध माओवादियों ने कोलकाता में टाटा कार बेचने वाले कई शोरुमों पर हमला भी किया था. सिंगूर में शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 12 लोग तब घायल हो गए थे जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियाँ बरसाई थीं और आँसू गैस छोड़ी थी. टाटा समूह सिंगूर में ज़मीन पर अपनी कम क़ीमत वाली कार के लिए फ़ैक्ट्री लगाना चाहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें संदिग्ध माओवादियों का शोरूम पर हमला 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस टाटा को ज़मीन देने पर प्रदर्शन जारी03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस तृणमूल के बंद से जनजीवन अस्त व्यस्त09 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में कार कारखाने का विरोध26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में बंद का आंशिक असर03 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस तृणमूल की बंगाल हड़ताल अवैध30 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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