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तृणमूल की बंगाल हड़ताल अवैध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलकाता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कॉंग्रेस की गुरूवार को बुलाई गई हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है. अदालत ने तृणमूल कॉंग्रेस से कहा है कि वह अपनी हड़ताल वापस ले ले. मगर पार्टी नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि हड़ताल वापस नहीं होगी और प्रदेश के लोग इसे सफल बनाएँगे. पार्टी ने ये हड़ताल केंद्र और राज्य सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के प्रति विरोध जताने के लिए बुलाई है. पार्टी मुख्य रूप से पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का विरोध कर रही है. मगर मंगलवार को कोलकाता उच्च न्यायालय ने कहा कि यह हड़ताल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. पश्चिम बंगाल में एक पखवाड़े में किसी पार्टी की ओर से बुलाई गई ये तीसरी हड़ताल है. राज्य में औसतन हड़ताल के कारण हर साल 50 से 60 दिन काम का नुकसान होता है. |
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