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पश्चिम बंगाल में बंद का आंशिक असर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में 12 घंटे के बंद का मिलाजुला असर हुआ है. तृणमूल कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ बंद का आह्वान किया था. राज्य के उच्च न्यायालय ने बंद को अवैध घोषित कर दिया था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में अपने एक फैसले में हड़तालों को अवैध घोषित कर रखा है. तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि विरोध प्रकट करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह जेल जाने को भी तैयार हैं. राज्य के कई इलाक़ों में दुकानें बंद रहीं लेकिन वाहन चलते रहे. सरकारी दफ्तरों में हाजिरी सामान्य रही. इसके अलावा रेल और विमान सेवाएं भी बाधित नहीं हुई. राज्य भर में तृणमूल कांग्रेस के 2000 से अधिक कार्यकर्ताओं को यातायात में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. राजधानी कोलकाता में बंद समर्थकों ने देशी बम फेंके . कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कोलकाता उच्च न्यायालय तृणमूल के अध्यक्ष ममत बनर्जी के ख़िलाफ अवमानना का मामला शुरु कर सकती है. |
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