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हड़ताल से अस्त-व्यस्त रही मुंबई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की व्यावसायिक राजधानी मुंबई में महानगरपालिका कर्मचारियों की बुधवार को हुई हड़ताल की वजह से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया मगर अब हड़ताल वापस ले ली गई है. उधर कोलकाता में भी पेट्रोल पंप डीलरों की हड़ताल सफल बातचीत के बाद वापस ले ली गई. मुंबई में महानगरपालिका के लगभग एक लाख कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे. ये हड़ताल तीन दिन की थी मगर बुधवार शाम को कर्मचारी यूनियन नेताओं और राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने का फ़ैसला लिया गया. इससे पहले अधिकारियों और कर्मचारी यूनियन के बीच मंगलवार को भी बातचीत हुई थी मगर उसमें कोई नतीजा नहीं निकला था. इसके बाद बुधवार को शहर की लगभग 90 प्रतिशत बसें सड़कों से ग़ायब रहीं. महानगरपालिका कर्मचारियों की माँग है कि महंगाई भत्ता 129 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत नहीं किया जाना चाहिए. उधर कोलकाता में पेट्रोल पंप डीलरों की राज्य की वामपंथी सरकार के साथ बातचीत सफल रही इसलिए उनकी तीन दिवसीय हड़ताल वापस ले ली गई. डीलरों के अनुसार सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर से बिक्री कर कम करने पर तैयार हो गई है. |
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