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'तस्लीमा कोलकाता आ सकती हैं मगर...' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के वयोवृद्ध नेता ज्योति बसु ने मंगलवार को कोलकाता में कहा है कि विवादास्पद बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन चाहें तो कोलकाता वापस आकर रह सकती है. संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ज्योति बसु ने कहा, "अगर तस्लीमा कोलकाता या पश्चिम बंगाल में कहीं पर आकर रहना चाहती हैं तो उनका स्वागत है लेकिन केंद्र सरकार को उनकी सुरक्षा का इंतज़ाम करना होगा." निर्वासन में रह रहीं तस्लीमा नसरीन की किताब के कुछ अंशों को लेकर पिछले महीने कोलकाता में उठे विवाद के बाद सीपीएम के सभी नेताओं ने लेखिका के कोलकाता आकर रहने के सवाल पर अपना पल्ला झाड़ लिया था. यह पहला मौक़ा है जब सीपीएम के किसी नेता ने लेखिका के कोलकाता वापस आकर रहने की बात की है. ज्योति बसु ने कहा, "मैं कई बार पहले तस्लीमा से मिल चुका हूँ. मैंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि कोलकाता से बाहर रहना उनके लिए दुखदायी है. अब देखते हैं कि केंद्र सरकार क्या कहती है." पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने कहा कि वह तस्लीमा नसरीन की किताब द्विखंडिता पढ़ चुके हैं. इस किताब के कुछ विवादास्पद अंशों को लेकर कोलकाता में हिंसा भड़क उठी थी. उन्होंने कहा, " राज्य सरकार ने इस किताब पर पहले ही रोक लगा दी है. उन्होंने किताब में पैगंबर मोहम्मद और क़ुरआन को लेकर जो कुछ भी लिखा है वह मुसलमानों को स्वीकार नहीं हो सकता." कोलकाता में नवंबर में हुई हिंसा के बाद तस्लीमा नसरीन को जयपुर भेज दिया गया था जहाँ से बाद में उन्हें दिल्ली लाया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें तस्लीमा कोलकाता जाना चाहती हैं25 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस घर की तलाश में हैं तस्लीमा नसरीन27 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तस्लीमा 'द्बिखंडितो' से कुछ अंश हटाएँगी30 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मैं लिखना जारी रखूँगी: तस्लीमा 05 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तस्लीमाः दिल्ली छोड़ने की अनुमति नहीं20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तस्लीमा की नज़रबंदी से प्रणव का इनकार22 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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