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बुधवार, 05 दिसंबर, 2007 को 17:48 GMT तक के समाचार
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मैं लिखना जारी रखूँगी: तस्लीमा
तस्लीमा नसरीन
तस्लीमा नसरीन पिछले कुछ समय से कोलकाता में रह रहीं थीं
बांग्लादेश की प्रमुख लेखिका तस्लीमा नसरीन का कहना है कि भारत में हाल में उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के बावजूद वो लिखना बंद नहीं करेंगी.

पिछले महीने कुछ मस्लिम संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद तस्लीमा नसरीन को कोलकाता छोड़ने को कहा गया था.

उसके बाद उन्हें कोलकता से जयपुर, जयपुर से दिल्ली और फिर उन्हें सुरक्षाकर्मी एक अज्ञात स्थल पर ले गए.

दिल्ली में अज्ञात स्थान से उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा,'' मैं लिखना जारी रखूंगी. मैं महिलाओं के अधिकारों, मानवाधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मानवता के लिए लिखती हूँ. मैं इस्लाम विरोधी नहीं हूँ. कुछ कट्टरपंथियों ने मुझे इस्लाम विरोधी क़रार दे दिया है लेकिन मैंने किसी को ठेस पहुँचाने के लिए कभी कुछ नहीं लिखा. और न ही मैं किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना चाहती हूँ.''

 मैं लिखना जारी रखूंगी. मैं महिलाओं के अधिकारों, मानवाधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मानवता के लिए लिखती हूँ. मैं इस्लाम विरोधी नहीं हूँ. कुछ कट्टरपंथियों ने मुझे इस्लाम विरोधी क़रार दे दिया है लेकिन मैंने किसी को ठेस पहुँचाने के लिए कभी कुछ नहीं लिखा.
तस्लीमा नसरीन

लेकिन उन्होंने ये स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी किताब 'द्बिखंडितो' में से विवादास्पद अंश हटा दिए हैं.

ग़ौरतलब है कि भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में कहा था कि मेहमानों से उम्मीद की जाती है कि वे ऐसे क्रियाकलापों से दूर रहें और ऐसे बयान न दें जिनसे हमारे नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुँचे.

उन्होंने कहा था कि शरण लेने वाले मेहमानों को राज्य और केंद्र सरकार सुरक्षा प्रदान करती रहेगी और तस्लीमा नसरीन के मामले में भी यही नीति जारी रहेगी.

हालांकि तस्लीमा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने आप कोलकाता नहीं छोड़ा था.

उनका कहना था,'' मुझे कोलकाता छोड़ने के लिए कहा गया लेकिन मैं वापस वहाँ जाना चाहती हूँ. मुझे कोलकाता से प्रेम है... आप जानते हैं कि मुझे अपने देश बांग्लादेश को छोड़ना पड़ा था, लेकिन मैं पश्चिम बंगाल को नहीं छोड़ना चाहती हूँ. मैं बंगाली हूँ और मैं बांग्ला भाषा में लिखती हूँ.''

तस्लीमा नसरीनकिताब में फेरबदल...
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