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तस्लीमा नसरीन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के ख़िलाफ़ हैदराबाद पुलिस ने मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया है. पिछले दिनों तस्लीमा के साथ मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के कार्यकर्ताओं और तीन विधायकों ने हैदराबाद में एक पुस्तक विमोचन समारोह में हाथापाई की थी. तस्लीमा हैदराबाद प्रेस क्लब में अपनी नई पुस्तक 'शोध' के तेलुगू अनुवाद के विमोचन कार्यक्रम के सिलसिले में आईं थीं. हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त एस के शिंदे ने बताया कि तस्लीमा के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. विवादित लेखिका बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ ने बताया कि एमआईएम के विधायक तथा विधानसभा में पार्टी के नेता अक़बरूद्दीन ओवेसी से पंजागुट्टा पुलिस थाने में तस्लीमा के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी. हमले में तस्लीमा को कोई चोट नहीं लगी लेकिन बीच-बचाव करने वाले कुछ लोग घायल हो गए हैं. इसके अलावा कुछ पत्रकार भी घायल हुए थे. पुलिस ने तीनों विधायकों समेत सभी विरोधियों को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें उसी दिन शाम को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था. 'लज्जा' समेत कई चर्चित पुस्तकों की लेखिका तस्लीमा लंबे समय से मुस्लिम संगठनों के निशाने पर रही हैं. मुस्लिम इस विवादित लेखिका पर उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत करने का आरोप लगाते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लेखिका तस्लीमा नसरीन से हाथापाई09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस प्रबुद्ध लोग तस्लीमा के पक्ष में07 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस तसलीमा का प्रधानमंत्री से अनुरोध26 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस तस्लीमा की नई किताब पर प्रतिबंध12 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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