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तस्लीमा कोलकाता जाना चाहती हैं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि वे वापस कोलकाता जाना चाहती हैं. इस समय वे नई दिल्ली में हैं. तीन दिन बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए तस्लीमा नसरीन ने भारतीय टेलीविज़न चैनल एनडीटीवी से बात की लेकिन किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वे कोई नया विवाद नहीं खड़ा करना चाहतीं. उल्लेखनीय है कि तस्लीमा नसरीन की वीज़ा की अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में कोलकाता में बुधवार को हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 43 लोग घायल हुए थे. इसके बाद उन्हें राजस्थान भेज दिया गया था और फिर दिल्ली लाया गया. टीवी चैनल से हुई बातचीत में तस्लीमा ने कहा, "मुझे अपने घर की याद आती है, मुझे कोलकाता की याद आती है." लेखिका ने कहा है कि दो दिन उनके लिए भावनात्मक रुप से सदमा पहुँचाने वाले थे. उन्होंने अपने समर्थन के लिए लोगों का आभार भी प्रकट किया है. विवादों में घिरीं लेखिका तस्लीमा 1990 के दशक में कट्टरपंथियों की धमकियों के चलते बांग्लादेश से यूरोप चली गई थीं और पिछले तीन साल से वे कोलकाता में थीं. उनके लेख इस्लामी कट्टरपंथियों को काफ़ी समय से अख़रते रहे हैं. वहाँ स्थिति बुधवार को बिगड़नी शुरू हुई जब तस्लीमा नसरीन की वीज़ा अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में उग्र प्रदर्शन शुरु हुए. बुधवार को वहाँ भड़की हिंसा में 43 लोग घायल हो गए थे और सौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. गुरूवार को केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता में तस्लीमा नसरीन से मुलाक़ात की और उन्हें बताया कि कोलकाता में हिंसा के बाद सुरक्षा की दृष्टि से उनका पश्चिम बंगाल में रहना ठीक नहीं है. वे पहले कोलकाता छोड़ने को तैयार नहीं थीं लेकिन बाद में जब उन्हें सुरक्षा की चिंताओं से अवगत कराया गया तो वे भारत में कहीं और जाने को तैयार हो गईं. तस्लीमा नसरीन का कहना है कि वे बांग्ला लेखिका हैं इसलिए वे बांग्ला भाषी लोगों के बीच ही रहना चाहती हैं इसलिए उन्होंने कोलकाता को चुना था. | इससे जुड़ी ख़बरें बढती असहिष्णुता, घटती सहनशीलता24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तस्लीमा ने दिल्ली में शरण ली23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सरकार भय दूर करने की कोशिश करे'22 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कोलकाता में हिंसा, सेना तैनात21 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल नंदीग्राम जाए'21 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम पर लोकसभा में बहस की संभावना20 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस जैसा किया वैसा ही पाया: बुद्धदेब13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल 'बंद', जनजीवन प्रभावित12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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