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तस्लीमा ने दिल्ली में शरण ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने नई दिल्ली स्थित राजस्थान भवन में शरण ली है. वो शुक्रवार सुबह जयपुर से रवाना हुई थीं. उन्हें राजस्थान भवन के कमरा नंबर 105 में जगह दी गई है और उनकी सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. इस बीच राजस्थान सरकार ने कहा है कि तस्लीमा नसरीन जयपुर में राजकीय अतिथि थीं. बुधवार को कोलकाता में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वे गुरुवार शाम को ही कोलकाता से जयपुर पहुँची थीं. विवादों में घिरीं लेखिका तस्लीमा 1990 के दशक में कट्टरपंथियों की धमकियों के चलते बांग्लादेश से यूरोप चली गई थीं और पिछले तीन साल से वे कोलकाता में थीं. उनके लेख इस्लामी कट्टरपंथियों को काफ़ी समय से अख़रते रहे हैं. वहाँ स्थिति बुधवार को बिगड़नी शुरू हुई जब तस्लीमा नसरीन की वीज़ा अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में उग्र प्रदर्शन शुरु हुए. बुधवार को वहाँ भड़की हिंसा में 43 लोग घायल हो गए थे और सौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. गुरूवार को केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता में तस्लीमा नसरीन से मुलाक़ात की और उन्हें बताया कि कोलकाता में हिंसा के बाद सुरक्षा की दृष्टि से उनका पश्चिम बंगाल में रहना ठीक नहीं है. वे पहले कोलकाता छोड़ने को तैयार नहीं थीं लेकिन बाद में जब उन्हें सुरक्षा की चिंताओं से अवगत कराया गया तो वे भारत में कहीं और जाने को तैयार हो गईं. होटलों में जगह नहीं तस्लीमा नसरीन का कहना है कि वे बांग्ला लेखिका हैं इसलिए वे बांग्ला भाषी लोगों के बीच ही रहना चाहती हैं इसलिए उन्होंने कोलकाता को चुना था. उन्हें विमान से गुरुवार शाम छह बजे कड़ी सुरक्षा के बीच जयपुर पहुँचाया गया. पुलिस के अनुसार जयपुर में उन्होंने दो पाँच सितारा होटलों में जगह पाने की कोशिश की लेकिन उन्हें वहाँ जगह नहीं मिली. फिर वे राजस्थान सचिवालय के पास एक आम होटल में रुकीं. होटल में और उसके आसपास पूरी रात सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा रहा जिससे वहाँ रुकने वाले कुछ लोगों को असुविधा भी हुई. जयपुर के पुलिस महानिरीक्षक मेघचंद्र मीणा ने गुरुवार रात बीबीसी को बताया, "हमें कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ने तस्लीमा को जयपुर लाए जाने के बारे में बताया था और ये भी कहा था कि उन्हें वाई-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाए." उन्हें सुरक्षा प्रदान कर दी गई है. अज्ञात स्थान पर इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे पुलिस काफ़िले में उन्हें होटल से पहले जयपुर हवाई अड्डे की ओर और फिर जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय मार्ग पर ले जाया गया. पत्रकारों ने लगभग तीस किलोमीटर तक उनके काफ़िले का पीछा किया लेकन फिर पुलिस ने जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय मार्ग पर नाके लगा दिए और पत्रकारों से कहा कि वे काफ़िले का पीछा न करें. सूत्रों का कहना है कि उन्हें हरियाणा से होते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ले जाया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सरकार भय दूर करने की कोशिश करे'22 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कोलकाता में हिंसा, सेना तैनात21 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल नंदीग्राम जाए'21 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम पर लोकसभा में बहस की संभावना20 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस जैसा किया वैसा ही पाया: बुद्धदेब13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल 'बंद', जनजीवन प्रभावित12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट माँगी12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों की मदद ले रही है तृणमूल'12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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