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मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट माँगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नंदीग्राम के इलाक़े की स्थिति पर पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट माँगी है और केंद्र सरकार से ठोस क़दम उठाने को कहा है. आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से कहा है कि वे पश्चिम बंगाल के संकटग्रस्त इलाक़ों में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए क़दम उठाए. आयोग ने नंदीग्राम में एक टीम भेजने का फ़ैसला किया है जो वहाँ की स्थिति का अध्ययन करेगी और क्या ज़रूरी उपाय किए जाएँ इसकी सिफ़ारिश करेगी. मानवाधिकार आयोग ने अपने बयान में कहा है, "पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को दस दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है. साथ ही गृह मंत्रालय को दो हफ़्तों के भीतर रिपोर्ट देकर बताना होगा कि नंदीग्राम में क्या क़दम उठाए गए." आयोग ने यह क़दम वकील संजय पारेख की याचिका पर उठाया है जिसमें कहा गया है कि नंदीग्राम के आस-पास विस्फोटक स्थिति बनी हुई है और वहाँ मानवाधिकारों के हनन हो सकता है. उधर सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने नंदीग्राम में खूनी संघर्ष जारी रहने की आशंका जताई है. मानवाधिकार आयोग में दाखिल याचिका में मेधा पाटकर ने इस बात पर आशंका जताई है कि पश्चिम बंगाल सरकार हिंसा को रोकने के लिए तत्पर होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें पश्चिम बंगाल 'बंद', जनजीवन प्रभावित12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में तनाव, चार की मौत11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस ममता बनर्जी ने इस्तीफ़ा दिया10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में मेधा पाटकर पर 'हमला'08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में झड़प के बाद तनाव07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में ताज़ा संघर्ष में दो की मौत06 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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