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संसद का शीतकालीन सत्र शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र गुरूवार को शुरू हो गया है जिसमें नंदीग्राम की स्थिति और अमरीका के साथ परमाणु सहयोग सहमति जैसे मुद्दे छाए रहने की संभावना है. पहले दिन की कार्यवाही दिवंगत हुए वर्तमान और पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही लोकसभा और राज्यसभा की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. मध्य प्रदेश के बैतूल संसदीय क्षेत्र से विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के सांसद विजय कुमार खंडेलवाल और गुजरात से राज्यसभा के लिए निर्वाचित जना कृष्णमूर्ति का हाल ही में निधन हो गया था. इसके अलावा डॉ एलएम सिंघवी समेत कुछ पूर्व सांसदों का भी मानसून सत्र से शीतकालीन सत्र के बीच निधन हो गया था. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने विजय कुमार खंडेलवाल और चार अन्य पूर्व सदस्यों के निधन का उल्लेख किया. इस पर सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ क्षण का मौन रखते हुए दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिसके बाद सदन की बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने भी जना कृष्णमूर्ति और एलएम सिंघवी के निधन का उल्लेख किया. राज्यसभा की बैठक भी दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामेदार सत्र भारतीय संसद का शीतकालीन संत्र काफ़ी हंगामेदार रहने की संभावना है. तीन हफ़्ते चलने वाले इस सत्र में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में हिंसा के मसले पर शोर-शराबा हो सकता है. इसके अलावा भारत-अमरीका परमाणु समझौते से लेकर गेहूँ आयात तक कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर यूपीए सरकार को अपने सहयोगी दलों और विपक्षी दलों के सवालों से दो चार होना पड़ सकता है. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने पहले ही दिन प्रश्नकाल स्थगित कर नंदीग्राम पर बहस करवाने का नोटिस दे रखा है. नंदीग्राम की हिंसा के मुद्दे पर यूपीए को बाहर से समर्थन दे रहे वाममोर्चे को जवाब देना होगा, ख़ासकर सीपीएम को, जिसके कार्यकर्ताओं पर नंदीग्राम में हिंसक कार्रवाई करने के आरोप हैं.
सीपीएम कार्यकर्ताओं की कार्रवाई को जिस तरह मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने उचित ठहराया है, वह भी बहस का विषय रहेगा. परमाणु क़रार के मुद्दे पर यूपीए सरकार को उसके सहयोगी वामदल ही घेरने की कोशिश करेंगे हालांकि वामदलों का रुख़ पिछले दो-तीन दिनों में कुछ नरम हो गया दिखता है लेकिन इससे बहस कमज़ोर हो जाएगी ऐसा नहीं लगता. इस मुद्दे पर भाजपा ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकार का साथ नहीं देने जा रही है. इसके अलावा जिन मुद्दों पर माहौल गर्माया रहेगा उनमें गेहूँ के आयात और धान के समर्थन मूल्य जैसे मामले हैं. सेतुसमुद्रम परियोजना से लेकर ख़ुदरा बाज़ार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे कई मुद्दे इसी सत्र में उठने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते के समर्थन में पत्र14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्रामः स्थिति गंभीर, सीआरपीएफ़ तैनात13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस जैसा किया वैसा ही पाया: बुद्धदेब13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'आईएईए के साथ चर्चा पर हरी झंडी'13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट माँगी12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में चर्चा होगी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर पुनर्विचार की माँग07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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