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नंदीग्रामः स्थिति गंभीर, सीआरपीएफ़ तैनात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की तैनाती के बावजूद अभी भी स्थिति गंभीर और तनावपूर्ण बनी हुई है. उधर मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित कुछ एनडीए नेता भी नंदीग्राम पहुँच रहे हैं. नंदीग्राम में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने बताया कि मंगलवार की सुबह से सीआरपीएफ़ के जवानों ने नंदीग्राम के गांवों और अंदरूनी इलाकों में जाना शुरू कर दिया है. हालांकि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और मार्क्सवादी पार्टी के समर्थक पूरे नंदीग्राम में फैले हुए हैं. संवाददाता के मुताबिक एनडीए नेताओं की नंदीग्राम पहुँचने की घोषणा के मद्देनज़र भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. इससे पहले सोमवार को सीपीएम पोलित ब्यूरो की दिल्ली में बैठक के बाद महासचिव प्रकाश करात ने कहा था विपक्षी पार्टियाँ ग़ैर लोकतांत्रिक तरीक़ों से सीपीएम को सत्ता से हटाना चाहती हैं, लेकिन ताक़त के दम पर हमें नहीं हटाया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नंदीग्राम में माओवादियों की मदद कर रही है. नंदीग्राम पर 'कब्ज़ा' हालांकि बीबीसी संवाददाता ने बताया कि सोमवार की दोपहर तक ही मार्क्सवादी समर्थक पूरे नंदीग्राम को अपने प्रभाव में ले चुके थे इसलिए संघर्ष की स्थिति बदली है. सोमवार की दोपहर नंदीग्राम के मुख्य इलाके में सीपीएम समर्थकों की एक रैली भी निकली. हालांकि कुछ गांववालों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें डरा-धमकाकर रैली में शामिल होने के लिए बाध्य किया गया. नंदीग्राम में सोमवार को कई जगहों पर 11 महीने बाद सीपीएम के लाल झंडे लहराते हुए नज़र आए. सीआरपीएफ़ की तैनाती नंदीग्राम के अंदरूनी इलाकों में सोमवार तक नहीं हो सकी थी और तबतक सीपीएम समर्थक अपना काम पूरा कर चुके थे यानी पूरे नंदीग्राम को अपने प्रभाव में ले चुके थे. नंदीग्राम पर निंदा पर वाम गठबंधन के घटक दलों सहित कई सामाजिक संगठनों, मानवाधिकार संस्थाओं, रंगकर्मियों, बुद्धिजीवियों और विपक्षी दलों ने नंदीग्राम की स्थिति के लिए सीपीएम को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उनकी भर्त्सना की है.
नंदीग्राम में जारी हिंसा के विरोध में पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने सोमवार को राज्यव्यापी बंद का आहवान किया था जिसका राज्यभर में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा. कुछ दलों ने 24 घंटे से ज़्यादा अवधि के बंद का आहवान किया था पर छठ पूजा और लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए इसे वापस ले लिया गया है. उधर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी नंदीग्राम की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि अगले दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश करे. राज्य में सत्तारूढ़ वाम गठबंधन की प्रमुख घटक, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को अब अपने सहयोगियों के भी विरोध का सामना करना पड़ा. स्थिति यह है कि सीपीएम के सहयोगी दल सीपीआई, आरएसपी और फ़ॉरवर्ड ब्लॉक भी नंदीग्राम में बिगड़े हालातों का ठीकरा सीपीएम के सिर ही फोड़ रहे हैं. आरएसपी की इस सिलसिले में मंगलवार को एक बैठक भी हो रही है. |
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