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'सरकार से नहीं, आरएसएस से गुहार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य प्रदेश में मुरैना ज़िले में स्थित बटेश्वर के प्राचीन मंदिरों का अस्तित्व ख़तरे में हैं और वजह है इनके आसपास हो रहा अवैध खनन. दिलचस्प बात ये है कि इन ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से गुहार लगाई है. पुरातत्व अधिकारी केके मोहम्मद ने आरएसएस सरसंघचालक के सुदर्शन को पत्र लिखा है और बटेश्वर, पढावली और मितावली मंदिरों के पास जारी अवैध खनन को रुकवाने का आग्रह किया है. पुरातत्व अधिकारी का कहना है कि उन्होंने आरएसएस प्रमुख से इसलिए गुहार लगाई है कि क्योंकि उनका मानना है कि आरएसएस प्राचीन भारतीय संस्कृति की रक्षा और इसके विकास के लिए हमेशा तत्पर रहा है. आठवीं शताब्दी से लेकर 11वीं शताब्दी के इन प्राचीनतम मंदिरों के जीर्णोद्धार की ज़िम्मेदारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के अधीन आने वाले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने संभाली थी. मंत्रालय ने बटेश्वर में 100 से अधिक जीर्णशीर्ण शिव मंदिरों में से लगभग 20 मंदिरों का जीर्णोद्धार भी किया था, लेकिन अवैध खनन के लिए उपयोग में लाए जा रहे विस्फोटकों से एक बार फिर इन मंदिरों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ गया है. केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी ने राज्य सरकार को अवैध खनन पर शीघ्र रोक लगवाने को कहा है. राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में अंबिका सोनी ने कहा है कि कि अवैध खनन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे विस्फोटकों से ऐतिहासिक मंदिरों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है, लिहाज़ा इन विस्फोटों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें रामसेतु: आस्था बनाम विकास09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पिघल रहा है अमरनाथ का शिवलिंग30 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'मंदिर हैं सिर्फ़ हिंदुओं के लिए'08 जून, 2007 | भारत और पड़ोस ऐसा अख़बार जिसमें सभी 'बाल पत्रकार'09 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस पत्नी की वजह से विवादों में फंसे शिवराज18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'असली-नकली किन्नरों' में उलझी पुलिस23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस उमा भारती के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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