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शनिवार, 18 अगस्त, 2007 को 06:19 GMT तक के समाचार
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पत्नी की वजह से विवादों में फंसे शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
इस मामले में राज्य भाजपा अब तक शिवराज सिंह के समर्थन में बोल रही है
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह की वजह से विवादों के घेरे में आ गए हैं.

विवाद की वजह बनी मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा की गई ट्रकों की खरीद. राज्य की विपक्षी पार्टियाँ अब इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा मांग रही हैं.

पिछले दिनों यह बात सामने आई कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने कुछ ट्रक ख़रीदे थे जिस पर विपक्ष ने काफ़ी हल्ला मचाया.

पहले तो शिवराज सिंह ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला लेकिन बाद में ट्रक ख़रीद की बात स्वीकार कर ली. इससे विवाद और गहराया और मुख्यमंत्री पर विपक्ष के वार और तेज़ हो गए.

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी के महासचिव प्रहलाद पटेल ने इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधा है.

प्रहलाद पटेल कहते हैं, "मुख्यमंत्री को इस मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करनी चाहिए या केंद्रीय नेतृत्व को इस मामले में मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय करते हुए क़दम उठाना चाहिए."

प्रहलाद पटेल ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूछा था कि रीवा में दो करोड़ की गाड़ियों की ख़रीदार साधना सिंह कौन हैं.

कागजों में साधना सिंह के पति का नाम एसआर सिंह और पता जेपी नगर, रीवा बताया गया था. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पर ग़लत पता देने और सही जानकारी छिपाने का आरोप लग रहा है.

व्यवसाय

शिवराज सिंह पहले तो इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रहे और फिर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारी वाहनों को ख़रीदने और फिर बेचे जाने की बात स्वीकार की है.

 मुख्यमंत्री को इस मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करनी चाहिए या केंद्रीय नेतृत्व को इस मामले में मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय करते हुए कदम उठाना चाहिए
प्रहलाद पटेल, विपक्षी नेता

साथ में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर उनका परिवार व्यवसाय करता है तो इसमें कुछ ग़लत नहीं है.

पहले भाजपा की राज्य इकाई इन बातों को तथ्यहीन कह रही थी लेकिन अब मुख्यमंत्री की बातों को ही दोहरा रही है.

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की राज्य इकाई के प्रवक्ता उमा शंकर गुप्ता कहते हैं, "व्यापार करने का अधिकार सबको है. सब कुछ रिकॉर्ड में मौजूद है इसलिए किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए."

इसके जवाब में प्रहलाद पटेल कहते हैं, "मुख्यमंत्री के ऐसा कहने से बात ख़त्म नहीं होती. इस मामले में क़ानून का उल्लंघन हुआ है. जैसे इसमें पते का प्रमाण नहीं दिया गया है. पता ग़लत है."

जहाँ एक तरफ मध्य प्रदेश की विपक्षी पार्टियाँ शिवराज सिंह को हटाने की मांग कर रही हैं वहीं राज्य भाजपा के अंदर शिवराज सिंह का विरोधी खेमा भी सक्रिय हो गया है.

इस पूरे मामले में राजनीति को अपना मिशन और ईमानदारी को अपना चरित्र बताने वाले शिवराज सिंह के लिए नई राजनीतिक परेशानियाँ खड़ी हो सकती हैं.

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