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नक्सली हिंसा रोकने के लिए अहम बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में नक्सली हिंसा से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह इस समस्या का सामना करने के लिए संयुक्त कार्यदल गठित करें. इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में गृह मंत्री शिवराज पाटिल के साथ हुई एक बैठक में ऐसा अनुरोध किया है. इस बैठक का लक्ष्य इस समस्या के संदर्भ में भविष्य के लिए रणनीति तैयार करना था. इन मुख्यमंत्रियों का कहना है कि ये संयुक्त कार्यदल महत्वपूर्ण रणनीतिक गुप्तचर जानकारी एकत्र करे और तालमेल के साथ कई राज्यों में नक्सली संगठनों के ख़िलाफ़ अभियान चलाए. आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ पहले ही नक्सली संगठनों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं लेकिन उड़ीसा जैसे राज्यों ने कहा है कि वह प्रतिबंध लगाने के ख़िलाफ़ हैं. झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ इस समस्या से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. लेकिन नक्सली गतिविधियों की ख़बरें उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तरांचल, केरल और तमिलनाडु से भी आती रही हैं. गृह मंत्री शिवराज पाटिल के साथ बैठक में छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड के मुख्यमंत्री और बिहार के राज्यपाल शामिल हुए. |
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