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आंध्र में विधायक सहित दस की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में संदिग्ध नक्सली हमलावरों ने एक कांग्रेसी विधायक सहित दस लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी है. यह घटना राज्य के महबूबनगर ज़िले में हुई है जहाँ नक्सली विद्रोही काफ़ी सक्रिय रहे हैं. राज्य पुलिस के महानिदेशक स्वर्णजीत सेन ने कहा है कि चार विद्रोहियों ने नरसी रेड्डी पर उस समय हमला किया जब वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ही विद्रोहियों ने भीड़ पर राइफ़ल से गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं, जिसमें विधायक सहित सात अन्य लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और अनेक लोग घायल हो गए. बाद में घायलों में से दो अन्य लोगों ने अस्पताल पहुँचकर दम तोड़ दिया और मरने वालों की संख्या दस हो गई. राज्य के अधिकारियों का कहना है कि नरसी रेड्डी नक्सलवादियों की हिटलिस्ट में काफ़ी ऊपर थे और हाल ही में उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी. राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है. वर्ष 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से यह पहला मौक़ा है जबकि विद्रोहियों ने किसी विधायक को निशाना बनाया है. विद्रोहियों के साथ शुरू की गई शांति वार्ता इसी वर्ष जनवरी में टूट गई है उसके बाद हिंसा की घटनाएँ लगातार जारी हैं. मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि यह हत्याकांड जघन्य है और इसने सरकार को नक्सली विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने पर मजबूर कर दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यह मानने को तैयार नहीं हैं कि यह हमला सुरक्षा में कमी के कारण हुआ. जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार नक्सली संगठन पर दोबारा प्रतिबंध लगाया जाएगा तो उन्होंने कहा कि इस पर कोई फ़ैसला करने से पहले हर दृष्टिकोण से विचार करना होगा. नक्सली विद्रोहियों के बातचीत शुरू होने पर पिछले वर्ष राज्य सरकार ने उन पर से लगा प्रतिबंध हटा लिया था. |
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