|
'मृतकों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल का कहना है कि भारतीय कश्मीर में अब तक मृतकों की संख्या 600 है लेकिन ये आँकड़ा बढ़कर एक हज़ार से ज़्यादा हो सकता है. लगभग 900 लोग घायल भी हुए हैं. उन्होंने बीबीसी हिंदी सेवा से एक बातचीत में कहा कि वहाँ घरों और रिहायशी इमारतों को ज़्यादा नुक़सान हुआ है लेकिन प्रशासन को हिदायत दी गई है कि पैसे की परवाह किए बिना राहत सामग्री पहुँचाने का काम किया जाए. गृहमंत्री के अनुसार वहाँ 40 हज़ार कंबल, दस हज़ार टेंट पहुँचाए जा रहे हैं और पहले ही हेलिकॉप्टरों के ज़रिए घायलों को अस्पताल और डॉक्टरों को प्रभावित इलाक़ों में पहुँचाया जा रहा है. इस बीच जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले के राजनगर गाँव से ख़बर मिली है कि संदिग्ध चरमपंथियों ने एक हिंदू परिवार के पाँच सदस्यों की गला काटकर हत्या कर दी है. जहाँ सत्तारूढ़ यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के भूकंप पीड़ित इलाक़ों का दौरा किया था वहीं भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के सोमवार को उन इलाक़ों का दौरा करने के समाचार हैं.
रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने राहत कार्यों के लिए केंद्रीय राहत आपदा कोष से 42 करोड़ रुपए और देने की घोषणा की है. सेना की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से राहत कार्यों के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. दोनों नेताओं ने रविवार को श्रीनगर में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल पूछा और इसके बाद भूकंप प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया. मुखर्जी ने बताया कि 42 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता सौ करोड़ रुपयों की सहायता के अतिरिक्त है जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि चूंकि सेना का मुख्य अस्पताल भूकंप में नष्ट हो गया है इसलिए सेना ने एक अस्थाई अस्पताल बनवाया है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||