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'मंदिर हैं सिर्फ़ हिंदुओं के लिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्रप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने एक अध्यादेश जारी करते हुए कहा है कि हिंदू धार्मिक स्थल सिर्फ़ हिंदुओं के लिए हैं और वहाँ दूसरे धर्मों के प्रचार की अनुमति नहीं है. यह अध्यादेश तुरंत लागू कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यह अध्यादेश हिंदुओं की भावनाओं को आहत होने से बचाने के लिए लाया गया है. दरअसल यह अध्यादेश हिंदू धार्मिक संगठनों की उन शिकायतों के बाद लाया गया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ईसाई मिशन के लोग तिरुमाला मंदिर के आसपास धार्मिक प्रचार कर रहे हैं. हालांकि ईसाई संगठनों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन एक मुसलमान क़ानूनविद ने इस अध्यादेश की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अहम क़दम है और इसके दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे. हिंदुओं का वेटिकन इस आदेश से तिरुमाला के आसपास के 10 हज़ार हेक्टेयर में फैले 20 हिंदू धार्मिक स्थलों को प्रभावित करेगा. इस अध्यादेश से सरकार को यह अधिकार भी मिल गया है कि वह मंदिरों के आसपास पूजा पाठ के अलावा कोई और गतिविधि न होने दे. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने तिरुमाला मंदिर परिसर को विशेष दर्जा दे दिया है. उल्लेखनीय है कि तिरुमाला पहाड़ियों के शिखर पर स्थित वेंकटेश्वर मंदिर देश का सबसे संपन्न मंदिर है. इस मंदिर में एक सामान्य दिन में 50 हज़ार लोग आते हैं और इसकी वार्षिक आय करोड़ों रुपयों में है. इस आदेश से लगता है कि सरकार ने हिंदू धार्मिक संगठनों की उस मांग को मान लिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि तिरुमाला को 'हिंदुओं के वेटिकन का दर्जा' दे दिया जाना चाहिए. इस अध्यादेश की घोषणा करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा, "हालांकि किसी भी धर्म को मानना और किसी भी धर्म का प्रचार करना किसी भी नागरिक का मूलभूत अधिकार है लेकिन मंदिरों के आसपास दूसरे धर्मों के प्रचार की अनुमति नहीं दी जा सकती." मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस अध्यादेश के दायरे में सभी धर्मों के धार्मिक स्थल आएँगे. इस क़ानून का उल्लंघन करने वाले को जेल और ज़ुर्माने का प्रावधान रखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'जागरूक दलितों में धर्मांतरण ज़्यादा'27 मई, 2007 | भारत और पड़ोस दलितों-आदिवासियों ने बौद्ध धर्म अपनाया27 मई, 2007 | भारत और पड़ोस सैंकड़ों दलितों ने धर्मांतरण किया14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस मध्यप्रदेश में धर्मांतरण क़ानून बदला26 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस धर्मांतरण के कारण 'मौत के मुँह में'22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा17 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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